Monday, November 12, 2018



दुष्यंत-दिग्विजय के खिलाफ तीन सालों से रची जा रही थी साजिश- नैना चौटाला 


खरखौदा/ सोनीपत: जिस भी पार्टी की रैली होती है, वहां पर नेताओं के पक्ष में जिंदाबाद के नारे लगाए जाते हैं। अगर रैलियों में जिंदाबाद के नारे न लगाए जाएं तो कार्यकर्ताओं को सत्संगों में जिंदाबाद के नारे कौन लगाने देगा। कार्यकर्ता अपने पार्टी और अपने नेताओं के जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे न कि किसी विपक्षी पार्टी के लोगों के नारे लगा रहे थे। अब आप ही बताओ कि नारे लगाना कहां का अनुशासन तोडऩे की श्रेणी में आता है। अगर नारे लगाना अनुशासनहीनता में नहीं आता तो दुष्यंत एवं दिग्विजय को पार्टी से क्यों निकाला गया है। जाहिर है कि मेरे दोनों बेटों दुष्यंत एवं दिग्विजय के खिलाफ पिछले तीन सालों से भी अधिक समय से गहरी साजिश रची जा रही थी। जनता अब जान चुकी है कि दुष्यंत के बढ़ती लोकप्रियता और पार्टी संगठन को मिल रही मजबूती को कुछ स्वार्थी लोग हजम नहीं कर पा रहे थे। यह बात डबवाली से विधायिका नैना चौटाला ने कही। वे रविवार को खरखौदा हलके के गांव फरमाणा में हरी चुनरी की चौपाल में उमड़ी़ हजारों महिलाओं की भीड़ को संबोधित कर रही थी। गांव फरमाणा पहुंचने पर नैना चौटाला का फूल बरसा कर स्वागत किया गया। नैना चौटाला ने कहा कि हरी चुनरी की चौपाल में उमड़ी रही भीड़ या साबित कर रही है कि दुष्यंत व दिग्विजय चौटाला पूरी तरह से निर्दोष हैं। उन्होंने कहा कि डा. अजय सिंह चौटाला ने चार दशक से पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए दिन-रात मेहनत की, गली-गली, घर-घर जाकर लोगों को पार्टी से जोड़ा और 4 वर्ष से सक्रिय हुए कुछ अति महत्वाकांक्षी लोग चार दशकों की डा. अजय चौटाला की मेहनत को दरकिनार कर पार्टी और संगठन को मिटाना चाहते हैं। ऐसे स्वार्थी लोगों के न तो सपने पूरे होंगे और न ही प्रदेश की जनता उन लोगों के मंसूबे पूरे होनी देगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ लोग अजय सिंह चौटाला के समर्थकों को कुछ लोगों के द्वारा न केवल जगह-जगह धमकाया जा रहा है बल्कि उन्हें अपमानित भी किया जा रहा है। यह बात किसी से छिपी नहीं है।  अजय सिंह चौटाला ने पार्टी संठगन को मजबूत करने के लिए 40 वर्ष झौंक दिए। उन्होंने रायमलिकपुर से लेकर चंडीगढ़ तक पैदल चल कर गांव-गांव जाकर लोगों को पार्टी से जोड़ा है और पार्टी को नया जोश और ताकत दी। हरियाणा की जनता उनकी मेहनत और पार्टी के प्रति समर्पण को भुला नहीं सकती उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुने गए सांसद दुष्यंत चौटाला ने लोकसभा में जनता की आवाज उठाई, क्या देश की सबसे बड़ी पंचायत में जनता की आवाज बुलंद करना अनुशासनहीनता है। दुष्यंत और दिग्विजय ने पार्टी को मजबूत करने के लिए लाखों युवाओं को पार्टी से जोडऩे और छात्र संघ के चुनाव बहाल करवाने के लिए दिग्विजय चौटाला आमरण अनशन तक किया। 
उन्होंने हरी चुनरी की चौपाल में उपस्थित जनसैलाब से समर्थन मांगते हुए कहा कि आप आप अपना प्यार व समर्थन दुष्यंत व दिग्विजय चौटाला के साथ बनाए रखें ताकि इनेलो पार्टी और संगठन को और मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि महिलाएं लोकतंत्र में अपनी ताकत को कम न आंके और अपनी मनचाही इनेलो की सरकार बनाने के लिए दिन-रात संगठित होकर मेहतन करें और पार्टी सुप्रीमो औमप्रकाश चौटाला को मजबूती प्रदान करें। नैना चौटाला ने कहा कि चौ. ओमप्रकाश चौटाला जी संगठन और परिवार के मुखिया हैं, उनका नेतृत्व और दिशा-निर्देश हमें सदा मंजूर है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि इनेलो पार्टी ताऊ स्व. देवीलाल जी का लगाया हुआ एक वटवृक्ष है और कुछ लोग पार्टी को दीमक की तरह खा कर खोखला करना चाहते हैं, उनके मंसूबे प्रदेश की जनता किसी भी सूरत में पूरे नहीं होने देगी। इस अवसर पर इनेलो के राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. केसी बांगड़, कार्यक्रम प्रभारी राजेन्द्र लितानी, शीला भ्याण, सोनीपत की महिला विंग की पूर्व जिला प्रधान बबीता दहिया,अनीता खांडा, संतोष बांगड़, पूर्व चेयरमैन कमलेश, निर्मला वर्मा, विद्या मोर, सरोज बैनिवाल, रीति अंतिल, रेखा बाल्याण, मीना मकडौली, अनीता कुराड़, शबीना देवी, निर्मला खत्री, सरोज दहिया, सुनीता जांगड़ा, किरण, दर्शना, कपिला कादियान, सरोज रिढ़ाऊ, अनिता शर्मा,  बागपति भालगढ़, कांता गांधीनगर, अंजली अंतिल, दर्शना गुहणा, अनिल खंदराई,कमलेश रबड़ा,सुरेश कुमारी, नसीब कौर,ललिता भोरिया, सुनीता राठी, रामरति, झज्जर जिला अध्यक्ष बबीता पूनिया, अनीता गन्नौर, अनिता मलिक, राजपति सरपंच, पिछड़ा वर्ग के प्रदेशाध्यक्ष तेलूराम जोगी, विधायक अनूप धानक, पूर्व विधायक रमेश खटक, राजकुमार रिढ़ाऊ, अठगामा प्रधान सतबीर सिंह गहलौत,राजू धानक, पूर्व सरपंच सुनील, मोहसिन चौधरी, सोनीपत के पूर्व जिला अध्यक्ष कुलदीप मलिक, सुमित राणा, डा. कपूर नरवाल, राज सिंह दहिया सहित भारी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

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