Monday, November 12, 2018

पार्टी के लिए अपने बच्चों का निवाला व खून पसीने की मेहनत करने वाले कांग्रेसी नहीं- अजय चौटाला


भिवानी: पार्टी को हमने 40 साल से सींचा हैं, इनेलो के लिए मैने और मेरे बच्चों ने खून पसीना एक किया है और पार्टी के संघर्ष को निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने मजबूत स्थिति में पहुंचाया है, आज उन्हीं कार्यकर्ताओं को कांग्रेसी कहने वाले पहले अपने गिरेबान में झांककर देखें। यह बात आज इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अजय सिंह चौटाला ने भिवानी के देवीलाल सदन में हजारों की भीड़ को सम्बोधित करते हुए कहे। चौटाला ने इशारों-इशारों में विरोधियों को महाभारत का दुर्योधन बताया और कहा कि अब याचना नहीं रण होगा और दुर्योधन धराशायी व हिंसा का जिम्मेवार होगा। वहीं इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि हमें चौटाला ने नहीं निकाला, लेकिन निकालने वालों को बख्सेंगे नहीं। अजय सिंह चौटाला ने अभय सिंह चौटाला द्वारा कुछ कार्यकर्ताओं को कांग्रेसी कहने पर इशारों ही इशारों में बड़ा पलटवार किया। अजय चौटाला ने कहा कि कांग्रेसी कहने वालों की आंखें भी नहीं खुली थी, तब से पहले बहुत से कार्यकर्ता पीढ़ी दर पीढ़ी इनेलो से जुड़े हैं और पार्टी के लिए उन्होने अपने बच्चों के मुह के निवाले व खून पसीने की मेहनत लगाई है। साथ ही उन्होने कहा कि मैनें 40 सालों से राजनीति में हूं। इस दौरान उन्ही लोगों ने बहुत से कार्यकर्ताओं को मीटिंगों व मंचो पर, गली-मौहलों में डराया धमकाया। वो कार्यकर्ता मेरे पास आए और मेरे कहने पर उन्होने खुन के घुंट पिए। पर अब ऐसा नहीं होगा। कार्यक्रताओं के मान सम्मान के साथ समझौता नहीं होने देगें। अजय चौटाला ने कहा कि जिला स्तर पर बैठकों के बाद 17 को देवीलाल की कर्मभूमि जीन्द में रैली कर बड़ा फैसला लिया जाएगा और उसी दिन वहीं प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी। अजय ने कहा कि जनशक्ति सबसे बड़ी शक्ति होती है जो आसमां से सितारों को तोङ कर जमी पर और जमीन के जर्रे को आसमां ने चढा कर पताका के रूप में फहरा सकती है। उन्होने कहा कि ओमप्रकाश चौटाला अपने भाषणों में महाभारत का उदाहरण देते हैं जिसमें पांडवों द्वारा दुर्योधन से पांच गांव मांगने पर मना किया था। अजय ने कहा कि उसके बाद याचना नहीं, रण हुआ और दुर्योधन धराशायी और हिंसा का जिम्मेवार बना। इस दौरान अपने पिता के साथ पहुंचे दिग्विजय सिंह ने कहा कि अब सत्ता व राजनीति में लोगों को डराने धमकाने वाले नहीं, बल्कि विनम्र लोग आएंगें। अभय चौटाला द्वारा कुछ रोज पहले इनेलो सरकार में भिवानी में दिए रोजगार पर कहा था कि ये रोजगार ना मैने ना किसी और ने दिए, बल्कि ओमप्रकाश चौटाला ने दिए। इस सवाल पर दिग्विजय ने कहा कि हम अभय का सम्मान करते हैं पर ऐसे बयान देना कोई बङपन नहीं, बल्कि यहां के लोगों के दर्द को बढाना है। उन्होने नई पार्टी की संभावनाओं को नकारते हुए कहा कि नई पार्टी की जरूरत नहीं पङेगी। क्योंकि ये चश्मा, झंडा व पार्टी हमारी है। साथ ही उन्होन कहा कि ओमप्रकाश चौटाला ने हमे नहीं निकाला, लेकिन ऐसा करने वालों को हम बखसेंगे नहीं। वहीं नारों को लेकर विवाद के सवाल पर दिग्विजय ने कहा कि नारे मुर्दों के नहीं, जिंदा लोगों के लगते हैं और आगे भी लगते रहेंगें। इस दौरान जगह जगह पर इनेलो राष्ट्रीय महासचिव का स्वागत किया गया वहीं हजारों की संख्या में स्थानीय देवीलाल सदन में कार्यकर्ताओं ने अपने नेता को सिर आंखों पर बैठाया। उन्होंने अजय की उपस्थिति में जननायक चौ. देवीलाल, ओमप्रकाश चौटाला, अजय सिंह चौटाला के नारे लगाते हुए दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला का हर कदम पर साथ देने का भरोसा दिलाया। 
वहीं डॉ. अजय सिंह चौटाला ने दुष्यंत, दिग्विजय को पार्टी से निष्कासित महज एक निजी स्वार्थ बताया और कहा कि विरोधी दुष्यंत दिग्विजय की लोकप्रियता से घबराए हुए हैं, यह निलम्बन नहीं है, क्योंकि पार्टी पर एक एक कार्यकर्ता का हक है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में वो हरियाणा की यात्रा कर 17 नवम्बर को जींद में लाखों लोगों के सामने जनता से इस लड़ाई में न्याय मांगेंगे। इस अवसर पर पार्टी के कई विधायक व पूर्व विधायक सहित प्रदेश कार्यकारिणी के साथी मौजूद थे। 

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