Friday, November 2, 2018

अजय चौटाला की कर्मभूमि पर भावुक हो नैना चौटाला हरी चुनरी की चौपाल में बोली


ताऊ देवीलाल के जमाने से जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं, तो क्या सभी अनुशासनहीन थे- नैना चौटाला
जिंदाबाद के नारे पार्टी कार्यकर्ताओं ने लगाए, तो दुष्यंत व दिग्विजय अनुशासनहीन कैसे हो गए-
कुछ लोग अजय सिंह चौटाला के परिवार को मक्खी की तरह पार्टी से बाहर निकालना चाहते हैं- नैना चौटाला 
पार्टी से दूर करने की साजिश पिछले दो वर्षों के रची जा रही थी-नैना चौटाला
कुछ लोग नोटिस के माध्यम से दुष्यंत-दिग्विजय को दबाना चाहते हैं। 
ओमप्रकाश चौटाला और संगठन को मजबूत करने के लिए सब मिल कर काम करें-नैना चौटाला 


झोंझूकलां: पार्टी के कुछ लोग अजय सिंह चौटाला के परिवार को मक्खी की तरह पार्टी से निकाल कर बाहर फैंकना चाहते हैं और इसके लिए उन लोगों ने पिछले दो वर्षों से साजिश रचनी शुरू कर दी थी। अजय सिंह चौटाला ने पार्टी संठगन को मजबूत करने के लिए 40 वर्ष झौंक दिए। उन्होंने रायमलिकपुर से लेकर चंडीगढ़ तक पैदल चल कर गांव-गांव जाकर लोगों को  पार्टी से जोड़ा है और पार्टी को नया जोश और ताकत दी। हरियाणा की जनता उनकी मेहनत और पार्टी के प्रति समर्पण को भुला नहीं सकती और ऐसे मंसूबे रखने वालों के षड्यंत्र को कभी कामयाब नहीं होने देगी। यह बात डबवाली से इनेलो विधायिका नैना सिंह चौटाला ने झोंझू कलां के स्टेडियम में आयोजित हरी चुनरी की चौपाल में उमड़ी महिलाओं की भीड़ को संबोधित करते हुए कही। नैना चौटाला का यहां पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। डा. अजय सिंह चौटाला की कर्मभूमि बाढ़ला हलके के झोंझू कला में पहुंची नैना चौटाला अपने संबोधन के दौरान कई बार भावुक नजर आई। उन्होंने दुष्यंत चौटाला को दिए नोटिस के संदर्भ में कई सवाल जनता के समक्ष रखे। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुने गए सांसद दुष्यंत चौटाला ने लोकसभा में जनता की आवाज उठाई, क्या देश की सबसे बड़ी पंचायत में जनता की आवाज बूलंद करना अनुशासनहीनता है। दुष्यंत और दिग्विजय ने पार्टी को मजबूत करने के लिए लाखों युवाओं को पार्टी से जोडऩे और छात्र संघ के चुनाव बहाल करवाने के लिए दिन रात काम किया। नैना चौटाला ने कहा कि युवा शक्ति को पार्टी जोडऩा और छात्रों के हितों के लिए संघर्ष करनाअनुशासनहीनता है। उन्होंने गोहाना रैली में हुई नारेबाजी का जिक्र भी किया और सवाल पूछा कि क्या अपनी पार्टी और नेता के जिंदाबाद के नारे लगाना अनुशासनहीता है, नारे लगाना ही अनुशासनहीनता है तो फिर यह परम्परा तो ताऊ जी के जमाने से चली आ रही है और हर कार्यकर्ता ने इसे आगे बढ़ाया है। फिर दुष्यंत व दिग्विजय ने ऐसा अलग क्या कर दिया कि उन्हें निलंबन का नोटिस थमा दिया गया।  नैना सिंह चौटाला ने कहा कि कुछ लोग इस प्रकार के नोटिस दिलवा कर उन्हें दबाना चाहते हैं। डबवाली की विधायिका ने कहा कि जनता की आवाज परमात्मा की आवाज होती है।
नैना चौटाला ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश की जनता जो अपना प्यार समर्थन और आर्शीवाद दे रही है, उसके लिए मैं हमेशा आपकी कर्जदार रहूंगी। उन्होंने जब कहा कि वर्ष 2013 में जब पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला और डा. अजय सिंह चौटाला के जेल जाने की घटना ने उन्हें हिला कर रख दिया था। इतना कहते हुए नैना चौटाला के आंसू छलक आए। उन्होंने कहा कि उस घटना से ज्यादा आहत मैं अब पूरी तरह से अनुशासित और पार्टी के लिए दिन-रात एक करने वाले दुष्यंत और दिग्विजय को पार्टी से निकालने का नोटिस बारे पता चला तो वह अंदर तक टूट गई। आंखों से अश्रुधारा फिर बह निकली और वह बोली कि वह इस घटना से बेहत आहत हैं। उन्होंने हरी चुनरी की चौपाल में उपस्थित जनसैलाब से समर्थन मांगते हुए कहा कि आप आप अपना प्यार व समर्थन दुष्यंत व दिग्विजय चौटाला के साथ बनाए रखें ताकि इनेलो पार्टी और संगठन को और मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि महिलाएं लोकतंत्र में अपनी ताकत को कम न आंके और अपनी मनचाही इनेलो की सरकार बनाने के लिए दिन-रात संगठित होकर मेहतन करें और पार्टी सुप्रीमो औमप्रकाश चौटाला को मजबूती प्रदान करें। नैना चौटाला ने कहा कि चौ. ओमप्रकाश चौटाला जी संगठन और परिवार के मुखिया हैं, उनका नेतृत्व और दिशा-निर्देश हमें सदा मंजूर है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि इनेलो पार्टी ताऊ स्व. देवीलाल जी का लगाया हुआ एक वटवृक्ष है और कुछ लोग पार्टी को दीमक की तरह खा कर खोखला करना चाहते हैं, उनके मंसूबे प्रदेश की जनता किसी भी सूरत में पूरे नहीं होने देगी। 
इस अवसर पर कार्यक्रम प्रभारी राजेन्द्र लितानी, शीला भ्यान, विधायक राजदीप फौगाट, विधायक अनूप धानक, पुर्व विधायक धर्मपाल ओबरा, नरेश द्वारका, अंतराष्ट्रीय महिला पहलवान बबीता फौगाट, राजेश सरपंच झोझू, ओमधारा श्योराण, लक्ष्मी बलौदा, सज्जन बलाली, बीनु सांगवान, डा. विजय सांगवान मंदौला, रामफल कादमा, विजय गोठड़ा, वज़ीर मान, सुरेन्द्र राठी, संतरा झोझू, तारावती मंदौला, संदीप काकडौली, विजय इनसो, शकुन्तला  द्वारका, रिशाल धनासरी, जिला पार्षद धनपति समसपुर, सूरज बेनीवाल, बबलू चौधरी, सोनु कान्हडा, तेजबीर काकडौली, सत्येन्द्र दातौली, भुप मांढी, सतपाल आर्य, औमप्रकाश यादव, कैलाश शर्मा, भूपेन्द्र खेड़ी, दिनेश गोठड़ा, धुर्व सांगवान, रामनिवास मिर्च, कुलदीप सरपंच, रविन्द्र, संजीव चरखी, आनंद बडराई, होशियार सिंह कादमा, राजेश अटेला, रमेश लांबा, आनन्द महराणा, वीरेंद्र पप्पू, रविन्द्र खेड़ी बुरा, सूरजभान कलियाणा, धर्मबीर पिचौपा, राजेन्द्र हुई, सोहन रूदडोल, विजय गोपी, जे पी छिल्लर, प्रदीप छिल्लर, अत्तर सिंह पालडी, नरेश बिगोवा, सुरेश इमलोटा, देवेन्द्र बिगोवा इत्यादि उपस्थिति थे।

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