Friday, November 2, 2018

अनुशासन समिति के समक्ष हाजिर होने के इंतजार में हूं- दुष्यंत चौटाला 


हांसी, 2 नवंबर: मेरे निलंबन के बाद लगाए गए आरोपों के पक्ष में मैंने अनुशासन समिति से अनुशासनहीनता के साक्ष्य मांगे थे परन्तु 25 अक्टूबर बीत जाने के बाद भी आज तक न तो अनुशासन समिति के समक्ष पेश होने का न तो कोई संदेश मेरे पास आया है और न ही कोई साक्ष्य मुझे उपलब्ध करवाए हैं। मैंने अपनी बात इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला से मिलकर उनके समक्ष रख दी है। यदि मैं दोषी हूं तो जो सजा मुझे मिलेगी, वह मुझे मंजूर है। जो फैसला चौटाला साहब को लेना है, उस फैसले को मैं डा. अजय सिंह चौटाला के पास लेकर जाऊंगा और इसके बाद जो आदेश डा. अजय सिंह चौटाला जी देंगे, वह आप सब कार्यकर्ताओं के समक्ष रखूंगा। अंतिम फैसला आपको लेना है। यह बात हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने कही। वे यहां जाट धर्मशाला में कार्यकर्ताओं से मिले और उनकी समस्याएं सुनी। जाट धर्मशाला में दुष्यंत की आने की सूचना पाकर अधिकांश पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता और भारी संख्या में युवा पहुंचे और गुलाब के फूल बरसा कर उनका स्वागत किया। युवा सांसद ने कहा कि इनेलो स्व. चौधरी देवीलाल लगाया हुआ वटवृक्ष है और उनकी नीतियों पर पार्टी चल रही है। उन्होंने कहा कि मैं घबराने वाला, निराश होने वाला या थकने वाला नहीं हूं चौ. देवीलाल की नीतियों की आगे तक तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि जननायक स्व. चौ. देवीलाल, लोहपुरूष ओमप्रकाश चौटाला और डा. अजय सिंह चौटाला ने संघर्ष करना सीखा है। इस संघर्ष के बूते पर पार्टी को तोडऩे का प्रयास करने वाली ताकतों को मुंह तोड़ जवाब देंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आपके जोश का मैं कायल हूं और आपकी बेजोड़ निष्ठा और आपका हौसला मेरी ताकत है। उन्होंने कहा कि जोश में होश नहीं खोना है और इस जोश को संभाल कर रखना है ताकि तुफान भी इसके आगे नतमस्तक हो जाए। समय आने पर इस जोश को काम में लेना है और इसी मैदान को दोगुनी ताकत के साथ फिर से संभालना है। 
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि एकता बनाए रखो और संगठित होकर संघर्ष करो। उन्होंने कहा कि संघर्ष करने वाले के लिए रास्ता अपने आप बनता चला जाता है। बैठक में राजेंद्र लितानी, विधायक अनूप धानक, शीला भ्याण, कर्ण सिंह दैप्पल, धारा सिंह मैंहदा, संतोष पानू, सेवापति पानू, राजीव शर्मा, कुकू सरदार, सुशील उगालन,  रेनू मक्कड़, रविंद्र सैनी, इंद्र फौजी, सुरेंद्र फौजी, जयवीर सिहाग, शिव कुमार कुलाना, महेंद्र बिडलाप, वीना चौधरी, सोनू बिडलान, रणबीर कुंभा, अनूप बूरा, नवीन ठाकुर, पार्षद प्रवीन ऐलावादी, डा. राजू शर्मा, विनोद जांगड़ा, सतपाल पानू, मास्टर थंबूराम सिसाय, छन्नो देवी, सहदेव यादव, संजीत पंघाल, नीलम यादव, नरेश सिहाग, लोकेश माजरा, नंदलाल सरपंच, देवेंद्र हाजमपुर, जयसिंह सरपंच, पवन मलिक, गौरव वासुदेवा, कपिल टुटेजा, संजय रामपुरा, राजकुमार बामल, किताब कुंभा, मोहित बामल, जयभगवान,संदीप सिंगल, अतुल मलिक, साहिल मलिक, चरण सिंह बामल,  कृष्ण बूरा घिराय, सुनील दूहन, सजन गोयल सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। 

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