Tuesday, October 9, 2018

चंडीगढ़ में हरियाणा का हिस्सा कम करने के विरोध में दुष्यंत ने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी 


हरियाणा के साथ चंडीगढ़ को लेकर पहले ही हो रहा है भेदभाव, नए नोटिफिकेशन से हरियाणा के हितों का होगा नुकसान-दुष्यंत चौटाला
केंद्र सरकार द्वारा चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन में हरियाणा का हिस्सा कम करने को लेकर जारी किए गए नोटिफिकेशन का इनेलो संसदीय दल के नेता हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने कड़ा ऐतराज जताया है। सांसद दुष्यंत चौटाला ने इस नोटिफिकेशन के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है और इस नोटिफिकेशन को तुरंत प्रभाव से वापस लेने की मांग की है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने 25 सितंबर को एक चिट्ठी जारी की थी जिसमें केंद्र शासित प्रदेशों में पुलिस विभाग में नियुक्ति पाने वाले उच्च अधिकारियों के सेवा व नियुक्ति नियमों में फेरबदल किया गया है यानिकि अब केंद्र सरकार केंद्र शासित प्रदेशों में पुलिस विभाग में आला अधिकारियों की नियुक्ति का अधिकार अधिक हो जाएगा। इस नोटिफिकेशन में किए गए पुलिस सर्विस रूल के बदलाव का असर केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ पर भी पड़ेगा और हरियाणा कैडर से नियुक्ति पाने वाले पुलिस अधिकारियों का अनुपात चंडीगढ़ में कम हो जाएगा। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि चंडीगढ़ हरियाणा की राजधानी है और लौगोंवाल समझौते के तहत चंडीगढ़ प्रशासन में पंजाब व हरियाणा का अनुपात 60:40 है। इस अनुपात के तहत ही हरियाणा अपने हिस्से के अधिकारियों की नियुक्ति चंडीगढ़ में करने का अधिकार रखता है परन्तु केंद्र सरकार के नए नोटिफिकेशन के मुताबिक अब चंडीगढ़ पुलिस विभाग में हरियाणा कैडर के अधिकारियों की नियुक्ति का हिस्सा कम हो जाएगा। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि चंडीगढ़ को प्रदेश के अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाना चाहिए क्यों कि यह हरियाणा के साथ साथ पंजाब की राजधानी भी है। युवा सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि नए नोटिफिकेशन से हरियाणा के हितों पर दोहरी मार पडऩे जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को चंडीगढ़ में पहले भी हिस्सा कम मिला हुआ है और 60:40 का अनुपात होना हरियाणा के साथ शुरू से ही भेदभाव है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार इस नोटिफिकेशन को लागू करती है तो चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन में एक बार फिर से हरियाणा के अधिकारों का हनन होगा।

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