Thursday, October 11, 2018

किसानों की सुध ले सरकार- दुष्यंत चौटाला


भिवानी, 11 अक्टूबर: कुछ रोज पहले जिन हरी-भरी फसलों को देख किसान के चेहरे खुशी से खिल उठते थे, आज उन्हीं फसलों को पानी में डूबी देख किसानों की आंखों से आंसू टपक रहे हैं। पिछले दिनों आए तुफान और बैसममी बरसात ने हिसार व आसपास के क्षेत्र में फसलों पर ऐसा कहर बरपाया कि लहलाती फसलें देखते ही देखते धराशायी हो गई। दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी फसलों में कई-कई फुट आज भी खड़ा है। हरी-भरी फसलें पानी में डूब कर पीली पड़ कर गल-सडऩे लगी हैं जिसकी दुर्गधं दूर-दूर आ रही है। बर्बादी की भेंट चढ़ी इन फसलों से प्रभावित किसान आज पूरी तरह से मायूस है और सिने में दर्द छिपाए बैठा है। इन्हीं किसानों का दर्द सांझा करने इनेलो संसदीय दल के नेता दुष्यंत चौटाला किसानों के खेतों में पहुंचे। दुष्यंत चौटाला वीरवार को जिले के गांव मुंढाल सहित कई गांवों के कुदरत से कहर से प्रभावित खेतों में जाकर प्रभावित किसानों से मिले। उन्होंने किसानों से मिल बर्बाद हुई फसलों की जानकारी ली और स्वयं खेतों में जाकर हालातों को देखा। हजारों एकड़ में पानी में डूबी फसलों को देख सांसद दुष्यंत चौटाला की आंखें भी डबडबा आई और उनके मुंह से शब्द निकले....किसान किस आस के सहारे जिंदा रहे। सरकारें किसानों की सुनती नहीं है और भगवान ने भी किसानों से मुंह मोड़ लिया।  हिसार से युवा सांसद दुष्यंत चौटाला ने भाजपा सरकार को किसान विरोधी करार देते हुए सरकार से किसानों की सुद लेने की बात कही है। युवा सांसद ने बारिश के दस दिन बाद भी किसान की पक्की हुई फसलों में पानी खड़ी हैं और अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी इन किसानों की सुध लेने तक नहीं पहुंचा है। इसके लिए सीधे सीधे शासन को जिम्मेदार ठहराते हुए सांसद चौटाला ने कहा कि अगर शासन में बैठे लोग जनता की तकलीफों के प्रति सजग हो तो प्रशासनिक अधिकारी अपने आप सजग हो जाते हैं। आज भाजपा के लोग सत्ता में नशे में डूबे है इसलिए प्रशासन भी लापरवाह हो चुका है। जलभराव से प्रभावित किसानों का दर्द देखकर युवा सांसद का मन भी दर्द में भर आया। उन्होंने सरकार से इन खराब फसलों का मुआवजा जल्द से जल्द किसानों को देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जबसे भाजपा सत्ता में आई है किसान की हालत दिन ब दिन पहले से और खराब होती जा रही है ऊपर से प्रकृति की मार भी झेलनी प? रही है। भाजपा ने सत्ता में आने से पहले किसानों से स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने से लेकर बहुत से लोकलुभावने वायदे किये थे। परन्तु सत्ता में आने के चार वर्षों से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू न करने से भाजपा का किसान विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है।
 इस अवसर पर जिला प्रधान सुनील लाम्बा, जाटू खाप प्रधान चौ. राजमल ङ्क्षसह धनाना, जगदीश धनाना, रामफल फौजी, वजीर मान,  चेयरमैन प्रेम धनाना, डीएसपी होश्यार सिंह, मनमोहन भुरटाना, विकास बड़सी, जिला प्रवक्ता राजू मेहरा, सुरेंद्र  राठी, विरेंद्र बापोड़ा, दयाकिशन मुण्ढाल, मंदीप सुई, सेठी धनाना, सचिन जताई, मनीष छिल्लर, ओमी बापोड़ा, रणधीर शर्मा मुण्ढाला, अंकित ढूल, विजय ढूल, विकास तालू, राजबीर तालू, दीपक सिवाड़ा, मैनेजर रामफल जाखड़ा, राज कुमार सरपंच तिगड़ाना, दिनेश नम्बरदार, अत्तर फौजी, सतपाल फौजी, अनिल धनाना, अत्तर धनाना, रमेश शास्त्री, फोर्ड धनाना, शकुंतला स्यानी, सुलोचना पोटलिया, सुमन कुंगड़, बीना सारसर, युवा अध्यक्ष मनोज यादव,  मा. रणधीर सिवाड़ा, पप्पल ठाकुर, कुलवंत कोटिया, रविंद्र पटोदी, जितेंद्र शर्मा, सुरजभान एसडीओ अजीत तिगड़ाना,  आकाश राजपूत तिगड़ाना, उमेद गौरीपुर, सुबेदार राजेंद्र ढाणा, संजय जोगी, अनिल काठपालिया, प्रमोद जोगी, राजेश पूनिया, प्रो. जगमेंद्र सांगवान,   संजय तिगड़ाना , करतार पंघाल, प्रदीप बिधनोई, रिषी पाल फोगाट, प्रदीप गोयल, गोलू मलिक, देवेंद्र नकीपुर, रोहित मोगली, अजय दलाल, संदीप चौधरी, मोटू लुहारू, राजेंद्र कस्वा, प्रदीप तालू, माईराम खटीक, मंदीप घनघस, विरेंद्र बापोड़ा, पवन फौजी, शिव कुमार खरक, बिटटू शर्मा, जितेंद्र शर्मा रेवाड़ीखेड़ा, रवि आर्य, दीपक रिवाड़ीखेड़ा, जोनी खरक, रविंद्र जमालपुर, मनजीत नाथुवास, कृष्ण फोगाट, आजाद गिल, विकास तालू, संजय कारखल, आशिष निमड़ी, विक्रम, अशोक सिहाग, लाला बापोड़ा, आसू वाल्मीकि, रमन नौरंगाबाद, दीपक सिवाड़ा, दीपक राठौर, भौम सिंह, सूरज मलिक, विशाल सांगवान, मनोज खानक, अंकित तालू, प्रमिंद्र सांगवान, मनीष राणा, अशोक बिडलान अधिवक्ता, संजय शर्मा, संदीप शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे। 

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