Thursday, September 6, 2018

सरकार दादुपूर-नलवी नहर डी-नोटिफिकेशन पर अपना पक्ष स्पष्ट करे सरकार- अभय चौटाला 


चंडीगढ़, 6 सितम्बर: एसवाईएल नहर निर्माण न करवाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट न लागू करने और जीएसटी व ई-ट्रेडिंग जैसे काले कानून को व्यापारियों पर थौपे जाने पर विरोध दर्ज करने के लिए  इनेलो, प्रदेशभर के व्यापारी वर्ग को साथ लेकर 8 सितम्बर को शांतिपूर्ण तरीके से हरियाणा बंद करेगी। यह जानकारी उन्होंने एमएलए हॉस्टल में पत्रकारों को संबोधित करते हुए दी और कहा कि सरकार दादुपूर-नलवी नहर डी-नोटिफिकेशन पर भी अपना पक्ष स्पष्ट करे। नेता विपक्ष ने एक समाचार पत्र में छपी खबर का हवाला देते हुए कहा कि खरखौदा के, गर्ल सीनियर सैकं डरी स्कूल में कार्यकारी प्रिंसीपल द्वारा चलाए जा रहे यौन व्यवसाय पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यह राज्य सरकार के लिए शर्म की बात है। इस प्रकरण में सरकार की निष्क्रियता की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि अकेले इसी घटना ने सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नारे की धज्जियां उड़ा दी हैं। यह घटना सरकार के इस अभियान को कलंकित करने वाली है।
गुड़गांव जमीन घोटाले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए इनेलो वरिष्ठ नेता ने रोबर्ट वाड्रा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर एफआईआर दर्ज करवाने को सरकार का ढक़ोसला बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस एफआईआर पर कार्रवाई करने का नाटक कर रही है उसका आधार इनेलो की वह चार्जशीट है जो उन्होंने राज्यपाल को चार साल पहले सौंपी थी। यह मामला पूर्व की कांग्रेस और वर्तमान भाजपा सरकार के संज्ञान में लाने का काम कई साल पहले कर चुकी थी। इस मामले को उन्होंने विधानसभा में भी उठाया था और सदन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आश्वासन दिया था कि चार्जशीट का अध्यन कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। अब चार वर्ष की चुप्पी के बाद एक व्यक्ति द्वारा शिकायत की गई है जिसके बारे में कहा जाता है कि वह एक वरिष्ठ भाजपा नेता का निकट सहयोगी है। इससे शक होता है कि शिकायत मात्र एक ढक़ोसला है। 
अभय सिंह चौटाला ने यह भी कहा कि इस विधानसभा सत्र में सरकार की चार साल की असफलताओं और जनविरोधी नीतियों को प्रदेश की जनता के सामने लाने के लिए इनेलो काम रोको व ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ते नशाखोरी के कारोबार, एसवाईएल, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, न्यूनतम समर्थन मूल्य, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, सरकार की मिलीभगत से हो रहे अवैध खनन, गिरते शिक्षा स्तर और गौशालाओं में गायों की मौतों जैसे कई अन्य जनहित के मुद्दों पर पर स्पष्टीकरण मांगेगी।
इनेलो वरिष्ठ नेता ने सरकार द्वारा बहुद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों (एमपीएचडब्ल्यू) और रोडवेज कर्मियों पर आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लगाने की कड़ी निंदा भी की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार ने बार-बार झूठे वादे किये और लोगों को कठिनाइयों में डालने का काम किया जिसके चलते मजबूरन कर्मचारियों को सडक़ों पर उतरना पड़ा। सरकार को चाहिए तो यह था कि वह अपने वादे पूरे करे लेकिन सरकार के अडिय़ल रवैये से सताए हुए कर्मचारियों पर लाठियां भांजकर उन्हें बेइज्ज्त व प्रताडि़त करने का काम किया। पे्रसवार्ता में आरएस चौधरी, बीडी ढालिया और प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण आत्रेय भी मौजूद थे।

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