Monday, August 6, 2018

लोकसभा में दुष्यंत चौटाला ने कच्चे कर्मचारियों को लेकर बोले

हरियाणा में कार्यरत हजारों कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की गूंज संसद तक पहुंच गई है। दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश के कच्चे कर्मचारियों का मुद्दा लोकसभा में उठाया। दुष्यंत चौटाला ने कर्मचारियों की आवाज को सदन में बुलंद करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को पहल करते हुए कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए तुरंत कानून बनाए जिससे कि लाखों परिवारों पर रोजी-रोटी छीनने का संकट खड़ा न हो। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों की समस्या केवल हरियाणा की नहीं है बल्कि यह समस्या देश भर में है और पूरे देश में में विभिन्न प्रांतों में 20 लाख से अधिक कच्चे कर्मचारी हैं। इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने सदन में  कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पूर्व कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और ठेकेदारी प्रथा बंद का वायदा किया था। यह बात भाजपा के घोषणा पत्र में भी है। उन्होंने कहा कि अधिकांश कर्मचारियों को ठेकेदारी प्रथा के तहत नौकरी करते हुए एक दशक से भी अधिक समय बीत चुका है। उन्होंने कहा कि सरकारी ऐसा कोई विभाग नहीं जिसमें कच्चे कर्मचारी ठेकेदारी प्रथा के तहत कार्यरत न हों। उन्होंने हरियाणा के कच्चे कर्मचारियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में लाखों कर्मचारी आज भी कच्चे हैं। उन्होंने कहा कि गेस्ट टीचर्स, कम्प्यूटर टीचर्स, कम्प्यूटर आपरेटर, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग सहित हर विभाग में अनेक ठेके पर काम करने वाले कर्मचारी हैं। उन्होंने कहा कि उमा देवी बनाम कर्नाटक केस का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों पर हरियाणा सरकार ने भी 4654 पक्के हुए कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि केंद्र सरकार लोकसभा में कानून बना कर कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का रास्ता निकाला जाए। 

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