Friday, August 10, 2018

स्कूलों में सोलर लाइट न लगाने का मामला पहुंचा लोकसभा तक 


हिसार: सांसद निधि कोष से पैसा जारी करने के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा सरकारी स्कूलों में सोलर पैनल न लगाए जाने का मामला वीरवार को लोकसभा में गूंजा। हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला ने इस मामले को उठाते हुए केंद्र सरकार से मांग की कि शिक्षण संस्थाओं में सोलर पैनल लगाने के लिए हरियाण सरकार को एक नीति बनाने के निर्देश दिए जाएं। इनेलो संसदीय दल के नेता दुष्यंत चौटाला ने लोकसभा में कहा कि सिसाय गांव के राजकीय स्कूल में सोलर पैनल लगाने के लिए दो वर्ष पहले अनुमति दी थी लेकिन आज तक वहां पर सोलर पैनल नहीं लगे हैं। बार-बार एक ही जवाब मिलता है कि सरकार ने अभी पॉलिसी निर्धारित नहीं की है। उन्होंने कहा कि सांसद निधि कोष की नियमावाली में सोलर पैनल लगाने का प्रावधान है लेकिन सरकारी नीति स्पष्ट नहीं होने के कारण ये पैनल अभी तक नहीं लगे हैं। उन्होंने लोकसभा में मांग की कि केंद्र सरकार व राज्य सरकार सोलर पैनल को लेकर एक स्थायी नीति बनाए जिससे कि शिक्षण संस्थाओं में सोलर पैनल लगाने में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न हो। 
करीब दो वर्ष पहले सांसद दुष्यंत चौटाला जब सिसाय गांव के सरकारी स्कूल में गए तो तीसरी एवं चौथी कक्षा की  छात्राओं ने बताया कि उनके स्कूल में गर्मी के मौसम में बिजली नहीं रहती जिसके कारण उन्हें पढ़ाई में परेशानी आती है। सांसद ने तुरंत अतिरिक्त उपायुक्त को अस्टीमेट बना कर स्कूल में सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए थे। अस्टीमेट बनने के बाद आज तक अक्षय उर्जा विभाग इन स्कूलों में सोलर पैनल नहीं लगा पाया जिसके पीछे यह कारण बताया गया कि सरकार की अभी कोई नीति निर्धारित नहीं हुई है। 
सांसद दुष्यंत चौटाला ने अपने निधि कोष से 66 गांवों में 700 स्ट्रीट लाईटों के लिए अतिरिक्त उपायुक्त को लिख रखा है। लेकिन अभी तक सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए सरकार ने कोई कंपनी निर्धारित नहीं की है। सांसद द्वारा दिशा की बैठक में यह मामला उठाया गया था जिसके बाद अक्षय उर्जा विभाग ने धिकताना एवं भेरियां गांव के लिए ली गई राशि ब्याज सहित वापस लौटा दिया था। 

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