Saturday, August 4, 2018

22 पदक जीतने वाले हरियाणा को मिले पहला स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी सेंटर- दुष्यंत चौटाला 

खेला म्ह में फस्र्ट आणा, बार्डर पर जाकै सर कटवाणा, ऐसा है मेरा हरियाणा- दुष्यंत चौटाला


नई दिल्ली, हिसार। हरियाणा के खिलाडिय़ों ने देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक मेडल जीत कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। एक ओर जहां राष्ट्रमंडल खेलों में 66 में से 22 मेडल हरियाणा के खिलाडिय़ों ने जीते हैं वहीं ओलम्पिक खेलों में कई मेडल जीत कर हरियाणा के खिलाडिय़ों ने गौरव बढ़ाया है इसलिए राष्ट्रीय खेलकूद विश्वविद्यालय का प्रथम रीजनल सेंटर हरियाणा में खुलना चाहिए। यह मांग इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने शुक्रवार को लोकसभा में की। 
लोकसभा में पेश राष्ट्रीय खेलकूद विश्वविद्यालय विधेयक 2018 पर आयोजित चर्चा में भाग लेते हुए देश के सबसे युवा सांसद दुष्यंत चौटाला ने इस बिल का स्वागत किया। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ऐसा कोई खेल नहीं है जहां हरियाणा के खिलाडिय़ों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम न चमकाया हो चाहे बात, हॉकी, बॉक्सिंग, कुश्ती की हो या फिर निशानेबाजी की। उन्होंने कहा कि देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए शारीरिक शिक्षा, खेल विज्ञान एवं विकास के लिए एक्सीलेंस सेंटर जरूरी हैं। उन्होंने केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौर का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार देश में रीजनल सेंटर स्थापित करते समय हरियाणा के खिलाडिय़ों की उपलब्धियों को ध्यान में रखे। दुष्यंत ने हरियाणा के देश में हर क्षेत्र में अपने योगदान की अपने शब्दों में बयान किया   ....देसां में देस हरियाणा, जित दूध दही का खाणा, खेला म्ह में फस्र्ट आणा,  अर बार्डर पर जाकै सर कटवाणा, ऐसा है मेरा हरियाणा। 
दुष्यंत चौटाला ने चीन और अन्य देशों का उदाहरण देते स्कूल स्तर से पांचवी कक्षा से ही शारीरिक शिक्षा विषय को अनिवार्य करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए जरूरी है कि स्कूलों में छोटे बच्चों को दो घंटे खेल के मैदान में खिलाना जाए। उन्होंने मांग की कि स्कूल व विश्वविद्यालय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को भी नकद राशि देने का सरकार प्रावधान करे। 

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