Wednesday, August 8, 2018

जनहित मुद्दों के पक्ष में इनेलो-बसपा द्वारा हरियाणा बंद का आहवान


इनेलो-बसपा पार्टी ने जनहित मुद्दों व एसवाईएल नहर निर्माण के पक्ष में 18 अगस्त 2018 को हरियाणा बंद करने का आहवान किया है। चौ. ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व की सरकार के समय 15 जनवरी 2002 को सर्वोच्च न्यायालय ने हरियाणा के पक्ष में फैसला सुनाकर पंजाब सरकार को एसवाईएल नहर निर्माण करने के आदेश दिलवाए। नेता प्रतिपक्ष चौ. अभय सिंह चौटाला, जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी से नहर निर्माण के लिए दिल्ली में मिले। दिल्ली में प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठियां बरसाई। नेता प्रतिपक्ष व जलयुद्ध नेता चौ. अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में 1 मई 2018 से 17 जुलाई 2018 तक जेल भरो आंदोलन में लाखों कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारियां दी। सर्वप्रथम यह बताना तर्कसंगत होगा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब वे जीएसटी का विरोध करते थे परंतु प्रधानमंत्री बनते ही सर्वप्रथम जीएसटी लागू किया। देश भर के व्यापारियों ने जीएसटी को काला कानून बताया है। जीएसटी में ऐसे प्रावधान किए गए हैं जो व्यापारियों को मुसीबत में डालने वाले हैं। जीएसटी का कृषि पर भी सबसे ज्यादा प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। सरकार ने खाद, कीटनाशक दवाइयों पर जीएसटी लगाकर किसानों की फसल का लागत मूल्य बढ़ाने का काम किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के अचानक फैसले ने देश में अफरातफरी का माहौल बना दिया। भाजपा सरकार ने कालधेन और भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए नोटबंदी जैसा कदम उठाया। आज तक न तो कालाधन वापस आया और न ही भ्रष्टाचार खत्म हुआ। देशभर में लगभग 80 से ज्यादा लोगों ने एटीएम और बैंकों के बाहर लगी लंबी कतारों में अपनी जान गंवाई हैं। नोटबंदी के कारण छोटे उद्योगों, व्यापारियों का व्यापार चौपट हो गया। विश्वस्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने से पहले पेट्रोल पर वैट की दर 20 प्रतिशत व डीजल पर 11.5 प्रतिशत। भाजपा सरकार ने बढ़ाकर पेट्रोल पर 25 प्रतिशत और डीजल पर लगभग 17 प्रतिशत और सरचार्ज 12.7 प्रतिशत लगा दिया। वर्ष 2914 में पेट्रोल की दर लगभग 71 रुपये और डीजल लगभग 55 रुपये प्रति लीटर थी जबकि वर्ष 2018 में डीजल की दर 69 रुपये प्रति लीटर है। पिछले चार सालों में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 105 प्रतिशत और डीजल पर 400 प्रतिशत से अधिक बढ़ाई गई है। भाजपा जब सत्ता में आई थी और घरेलू गैस की कीमत लगभग 400 रुपये प्रति सिलेंडर थी जो अब बढ़कर 800 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। व्यापारी दुकान पर सुरक्षित नहीं, लड़कियां स्कूलों व कॉलेजों में सुरक्षित नहीं और आम आदमी घर में सुरक्षित नहीं है। आए दिन दिहाड़े फिरौती मांगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। 
एसवाईएल, नोटबंदी, जीएसटी, महंगाई और लचर कानून व्यवस्था के कारण आमजन को आज भी अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। अत: सभी हरियाणा वासियों से निवेदन है कि 18 अगस्त, 2018 को राजनीति से ऊपर उठकर हरियाणा बंद में इनेलो-बसपा को अपना पूरा सहयोग दें। 

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