Thursday, July 26, 2018

बूचड़खाने को स्थापित करने के लिए सरकार प्रदान कर रही है हर प्रकार की सहायता- अभय चौटाला 


चंडीगढ़ : नेता विपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने यह संकल्प दोहराया है कि वे किसी भी कीमत पर पंचकूला जिले में रायपुररानी के निकट जासपुर गांव में बूचड़खाने को स्थापित नहीं होने देंगे। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि भाजपा के दो चेहरे हैं जिसमें एक तरफ तो वह हिन्दुत्व और उसके जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने की बात की जाती है दूसरी तरफ वह अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए उन्हीं मूल्यों को कुचलने का काम करती है। इसका ताजा उदाहरण अभी हाल में जासपुर में नजर आता है जहां आसपास की सभी पंचायतों के विरोध के बावजूद सरकार एक बूचड़खाने को स्थापित करने के लिए अपने चहेतों को सभी हर प्रकार की सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि इस सरकार के कार्यकाल के दौरान विधानसभा में अनेक ऐसे विधेयक पारित किए गए हैं जिनका उद्देश्य बीफ उद्योग पर अंकुश लगाना और जो उसमें संलिप्त पाए जाते हैं उन्हें कठोर दण्ड दिलवाना रहा है। किन्तु इस बूचड़खाने के स्थापित होने से यह संदेश जाता है कि राज्य सरकार मांस उद्योग को बढ़ावा देने पर तुली हुई है।
वर्तमान मुद्दे की विडंबना यह है कि इसकी मंजूरी के लिए इसका उद्देश्य पोल्ट्री फार्म एवं कोल्ड स्टोर था। इसी बहकावे में गांव के सरपंच से अनुमोदन का एक पत्र भी लिया गया था हालांकि नियमानुसार इसका अनुमोदन समस्त ग्राम सभा के सदस्यों द्वारा किया जाना चाहिए था। सरकार ने उस सरपंच के पत्र के आधार पर इस इकाई को स्थापित करने की मंजूरी भी दी परंतु जब प्रदूषण बोर्ड से मंजूरी ली गई तब पता चला कि यह एक बूचडख़ाना है। सच्चाई जानने पर न केवल जासपुर गांव बल्कि आसपास की अन्य पंचायतों ने भी इसका विरोध करते हुए बूचडख़ाने के पास धरना प्रारंभ किया। किन्तु प्रशासन द्वारा उन्हें न केवल डराया और धमकाया गया बल्कि बूचडख़ाने का प्रमोटर मुल्खराज चंडीगढ़ से अपने बाउंसरों को लेकर गया और उन्होंने भी ग्रामीणों को धमकाया। इस घटना के बाद पुलिस ने इन ग्रामीणों के विरुद्ध ही एक शिकायत दर्ज कर ली हालांकि जब ग्रामीणों ने भी अपनी शिकायत दर्ज करने का प्रयास किया तो उन्हें निराशा हाथ लगी। जाहिर है कि इस पूरे प्रकरण में बूचड़खाने को सरकार एवं स्थानीय प्रशासन का पूरा सहयोग प्राप्त है। 
अभय सिंह चौटाला ने याद दिलाया कि वर्तमान सरकार के शासनकाल में सरकारी संरक्षण में चल रहीं गौशालाओं में सैकड़ों की संख्या में गाय बीमारी और भूख से मौत का शिकार हुई हैं। जो फिर इस सरकार के दूसरे चेहरे को लोगों के समक्ष प्रस्तुत करता है जिससे यह सिद्ध होता है कि ‘ये नकली राम के दुलारे हैं’। वास्तव में यह सत्ता लोभ से पीड़ित लोग हैं जिनका एकमात्र मोह सत्ता है जिस कारण इनके सभी घोषित जीवनमूल्य समय के साथ बदल जाते हैं।
इस अवसर पर नेता विपक्ष ने कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चौधरी चरण सिंह और चौधरी देवीलाल के मुकाबले किसान हितैषी बताने के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों के लिए एक छलावा है क्योंकि हरियाणा सरकार किसानों को वह समर्थन मूल्य दिलवाने में भी नहीं सफल हुई जो उसने स्वयं सरकार से सिफारिश की थी। सच तो यह है कि सरकार न तो कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सिफारिशों को लागू करवा सकी है और न राज्य द्वारा लागत मूल्य की स्वयं की गई गणना के अनुसार उचित मूल्य दिलवा सकी है। इसलिए कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ द्वारा सड़कों पर ढोल पीटकर नाचना किसानों के साथ एक भद्दा मजाक है। 
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि आने वाले विधानसभा सत्र में वह राज्य में बढ़ते नशाखोरी, नशीले पदार्थों की बिक्री एवं महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों को एक बड़ा मुद्दा बनाएंगे। उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि कानून व्यवस्था की हालत इतनी खस्ता हो चुकी है कि अब इस प्रदेश में छह वर्ष की बच्ची से लेकर 60 वर्ष तक की महिला बलात्कार का शिकार होने लगी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में वे सभी अपराध जो सुनियोजित ढंग से किए जा रहे हैं उन्हें सरकार का सीधा संरक्षण प्राप्त है।
पे्रसवार्ता के दौरान नेता विपक्ष ने यह भी बताया कि आज ही एक पूर्व एससीएस अधिकारी सतबीर सिंह सैनी ने चौधरी देवीलाल की नीतियों में विश्वास रखते हुए इंडियन नेशनल लोकदल से एक कार्यकर्ता के रूप में जुड़े हैं। जाहिर है कि राज्य की हर बिरादरी के लोग सभी राजनैतिक दलों के असली चेहरों को पहचान चुके हैं इसी कारण वे छत्तीस बिरादरियों के भाईचारे को बढ़ाने के लिए इनेलो में शामिल हो रहे हैं। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा, विधायक परमेंद्र ढुल, पिरथी सिंह नम्बरदार, आरएस चौधरी, केसी बांगड़, बीडी ढालिया, प्रदीप चौधरी व प्रवीण आत्रेय भी उपस्थित थे।

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