Monday, June 4, 2018

किसान सड़क पर दूध, सब्जी फेंककर विरोध करने को मजबूर - पदम जैन 


सिरसा: इनेलो जिलाध्यक्ष पदम जैन ने कहा कि स्वयं को किसान हितैषी कहलाने वाली भाजपा की वास्तविकता यह है कि सरसों और गेहूं की खरीद का सीजन निकले हुए भी करीब डेढ़ माह का समय हो गया मगर अभी तक भी किसानों और आढतियों को उनके परिश्रम का पैसा नहीं दिया जा सका जिससे वे आर्थिक संकट में हैं।
सोमवार को जारी बयान में इनेलो जिलाध्यक्ष पदम जैन ने कहा कि हरियाणा में यह पहली ऐसी सरकार है जिसमें किसानों और आढतियों को इतने लंबे समय से उनकी पेमेंट नहीं दी गई जो पूरी तरह से किसानों और व्यापारियों का आर्थिक शोषण करता नजर आता है। उन्होंने कहा कि निराशाजनक बात यह है कि जो सरकार किसानों के हित के लिए काम करने का दम भरती थी, उसी सरकार ने समय से पूर्व ही गेहूं की खरीद बंद कर दी। किसानों को सरसों के पूरे रेट नहीं मिल सके जिसके कारण उन्हें अपनी फसल औने पौने दामों पर ही निजी व्यापारियों को बेचनी पड़ी। किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू कर खुशहाल बनाने का वायदा करने वाली भाजपा अपना वायदा पूरी तरह से भूल चुकी है और स्थिति ये है कि आज किसान सड़कों पर अपने खाद्यान्न और दूध आदि को फेंककर अपना विरोध जाहिर करने पर मजबूर हैं और केंद्रीय कृषिमंत्री कहते हैं कि किसान अपनी फोटो खिंचवाने के लिए ये सब कर रहे हैं। जैन ने कहा कि सिरसा में अकेले हैफेड की ओर से ही गेहूं खरीद की एवज में दी जाने वाली 25 करोड़ की राशि रोकी हुई है। उनके साथ-साथ अन्य सरकारी खरीद एजेंसियों की स्थितियों को यदि देखें तो स्थिति बेहद संवेदनशील नजर आती है। पदम जैन ने सरकार को चेताया कि यदि आगामी 2-3 दिन में किसानों और आढतियों को उनकी पेमेंट नहीं दी गई तो वे व्यापारियों के साथ मिलकर हैफेड विभाग का घेराव करेंगे।

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