Monday, June 4, 2018

हुड्डा सरकार की बदनीयती की वजह से हजारों कर्मचारी नौकरी से हटाये गए - अभय चौटाला  
 


चंडीगढ़, 4 जून: नेता विपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने यहां प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि हजारों कर्मचारियों को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की बदनियती और गलत पॉलिसी की वजह से उच्च नयायालय द्वारा नौकरी से हटाने के आदेश दिए गए हैं। लीगल रिमेंबरेंस की सलाह के विपरीत कांग्रेस 2014 के चुनाव में लाभ प्राप्त करने के लिए और अपने राजनैतिक हितों के लिए एडहॉक, डीसी रेट और अनुबंध के आधार पर रखे गए कर्मचारियों  को जिस प्रकार पक्का किया था उसी कारण नौकरी से हटाए जाने निर्देश न्यायालय द्वारा दिए गए पर इसका खमियाजा आज हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को भुगतना पड़ा है। इस मुद्दे पर मौजूदा भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए नेता विपक्ष ने कहा कि इन कर्मचारियों के साथ हुए धोखे की लिए जितनी दोषी पूर्व की कांग्रेस सरकार थी उतनी ही दोषी खट्टर सरकार भी है। उन्होंने मौजूदा सरकार पर इन कर्मचारियों की परैवी न करने का आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि साढ़े तीन साल के कार्यकाल में भाजपा ने इन कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जो दर्शाता है कि भाजपा सरकार ने भी इनकी अनदेखी की है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि भाजपा सरकार भी कांग्रेस के नक्शेकदम पर चल आउटसॉर्सिंग के तहत युवाओं को रोजगार दे रही है ताकि चुनावी लाभ को देखते हुए कांग्रेस की तरह ही फिर युवाओं को धोखा दे सके।
नेता विपक्ष ने प्रदेश की मौजूदा कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि आज सरकार अपराधियों और अत्याचार करने वालों के खिलाफ कारवाई करने की बजाए पीडि़तों को ही प्रताड़ित करने का काम कर रही है जिसका उदाहरण करनाल से मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ चुनाव लडऩे वाले और वर्तमान डिप्टी मेयर इनेलो नेता मनोज वधवा के परिवार की प्रताडऩा है। उन्होंने बताया कि  नोटबंदी के दौरान उनके छोटे भाई से लगभग 16 लाख रुपए की बरामदगी की जो उनके व्यापार के लेन-देन के थे। जब सरकार को पता चला कि आरोपी इनेलो नेता का भाई है तो उनके उपर 70 लाख रुपए होने का झूठा केस दर्ज करवा दिया। सरकार और प्रशासन ने उसे जान बूझकर मानसिक तौर परेशान किया जिसकी वजह से उसको आत्महत्या करनी पड़ी। इसके बावजूद भी पुलिस ने पूरे परिवार के विरुद्ध ही एफआइआर दर्ज की।
नेता विपक्ष ने बताया कि जब पीडि़त परिवार ने न्यायिक जांच की मांग की तो खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री  ने उन्हें धमकाने का काम किया। अब जब जांच में वधवा परिवार निर्दोष साबित हो गया है तब भी आठ महीने बीत जाने के बाद भी सरकार ने दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की काम गिल्ली-डंडा और सडक़ों पर कबड्डी खेलना नहीं बल्कि जनता को न्याय दिलाना होता है। उन्होंने यह भी कहा कि दलितों पर अत्याचार कांग्रेस राज में शुरू हुए और भाजपा उनकों आगे बढ़ा रही है। वहीं भाजपा सरकार में नशे के कारोबार ने भी प्रदेश में अपनी जड़े गहराई तक फैला ली हैं। इनेलो नेता ने बताया कि तीन साल से प्रदेश में चल रहा इनेलो सदस्यता अभियान अब पूरा हो गया है जिसके चलते प्रदेशस्तरीय कार्यकारणी का नए सिरे से गठन किया जाएगा। इसलिए पार्टी ने अपनी कार्यकारणी को भंग कर दिया है जल्द ही चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के दिशा-निदेशों के आधार पर गठन कर लिया जाएगा। उन्होंने इसके अलावा कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर असफल साबित हुई है आज किसान के साथ-साथ ऐसा कोई भी वर्ग नहीं है जो उसके खिलाफ सडक़ों पर न उतरा हो, फिर चाहे वो कर्मचारी हो या व्यापारी। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की यात्राओं पर चुटकी लेते हुए कहा कि हुड्डा की रथयात्रा पलवल से होडल आते-आते ही समाप्त हो गई वहीं अशोक तंवर की साइकल सिरसा में ही पंचर हो गई। पे्रसवार्ता में प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व कृषि मंत्री जसविंदर संधू, आरएस चौधरी, बीडी ढालिया, विधायक परमेंद्र ढुल, बलवान दौलतपुरिया, अनूप धानक, वेद नारंग, केहर सिंह रावत व प्रवीण आत्रेय मौजूद थे।

No comments:

Post a Comment