Thursday, June 7, 2018

दिग्विजय चौटाला ने इनेलो सरकार आने पर एम्स के रीजनल सेंटर डबवाली में बनावाने का ऐलान किया 




डबवाली 07 जून 2018: इंडियन नेशनल लोकदल की शहर इकाई द्वारा आज गांधी चौक डबवाली में शहर वासियों के साथ विचार विमर्श बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष व इनेलो के युवा नेता दिग्विजय सिंह चौटाला ने की। इनेलो की शहर इकाई द्वारा सभी शहर वासियों से अपील की गई थी कि व इनेलो व बसपा द्वारा आयोजित बैठक में पहुंच कर शहर की सभी मुख्य समस्यओं पर और शहर के हित में अपने विचार प्रस्तुत करें ताकि शहर की समस्याओं को दूर करने के लिए विधानसभा में और अन्य माध्यमों से पुरजोर तरीके से उठाया जा सके एंव समस्याओं का हल करवाया जा सके। बैठक स्थल पर शहर के व्यापारी व शहर वासियों ने भारी मात्रा में शिरकत की व अपनी समस्यओं की जानकारी दी। लोंगो द्वारा चौटाला सरकार के वक़्त शहर में किये गए कार्यों को याद किया। दिग्विजय सिंह चौटाला ने शहर के बीच 5 घंटे बिता कर शहर की समस्याओं पर बारीकी से विचार विमर्श किया दिग्विजय सिंह चौटाला ने शहर वासियों को सम्भोदित करते हुए कहा की आज में डबवाली में इनेलो पार्टी की बात करने नही आया हुँ, आज में अपने लोगों के बीच उनकी समस्या जानने आया हूँ। उन्होंने बताया कि बीजेपी सरकार की नीयत में खोट है, व डबवाली के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि वो सरकार पर दबाव बनाकर कलेक्टर रेट में 50 फीसदी कटौती करवाकर नगर सुधार व नगरपरिषद के लगभग पिछले 70 साल से जो किरायेदार है उनको मालिकाना हक दिलवाया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस द्वारा चलित नगर परिषद को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा शहर में फैली गंदगी के लिए कांग्रेस सीधे तौर पर जिम्मेवार है। दिग्विजय सिंह चौटाला ने एक बड़ा एलान किया कि वोह आज अपने शहर से वादा करते हैं कि इनेलो सरकार आने पर एम्स के रीजनल सेंटर डबवाली में बनाया जाएगा जिस से की कैंसर और भयंकर बीमारी से पीड़ित मरीजों को भारी राहत मिल सकेगी।
इनेलो ने उपमंडलाधिकारी के मार्फत मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार को नगरपरिषद व नगर सुधार की दुकानों पर लंबे अरसे से जो किराएदार हैं उनको दुकानों का मालिकाना हक दिया जाए व कलेक्टर रेट कम किया जाए और अधूरे पड़े अंडर ब्रिज का काम पूरा करने के लिए ज्ञापन सौंपा। पूर्व विधायक डॉ सीता राम ने सम्बोधन करते हुए नगर परिषद में फैले हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे को पूरे जोरदार तरीके से उठाया और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधा। नगर सुधार मंडल के पूर्व चेयरमैन रणवीर राणा ने सम्भोधत करते हुए दिग्विजय सिंह जी को बताया की चौटाला सरकार के वक़्त चौ. ओम प्रकाश चौटाला द्वारा मैन बाजार की सभी दुकानों को बड़ा किया व दोनों तरफ दरवाज़े निकाल कर उन्हें मालिकाना हक दिया गया। उस वक़्त मुख्यमंत्री चौटाला साहब ने पूरे शहर में आरसीसी सड़कें बनवाई जिस से पहले आरसीसी सड़के नहीं बनाई जाती थी। युवा शहरी प्रधान विपिन मोंगा ने संबोधन करते हुए कहा कि डबवाली के युवा पिछले 14 साल से सरकारी नौकरी पाने के लिए भेदभाव का शिकार हो रहे हैं।
बैठक को नपापूर्व प्रधान टेक चंद छाबडा, शहरी प्रधान हरबंस भीटीवाला, शहरी महिला प्रधान ममता मिढ़ा ने भी संबोधित किया। बैठक में हल्का  प्रधान सरबजीत मसीतां, जथेदार जगसीर सिंह मांगेआना, पूर्व प्रधान नरिंदर बराड़, पर्वकत्ता रणदीप सिंह मटदादू , युवा ग्रामीण प्रधान करनवीर ओढां, राजबीर डबवाली, आशा वाल्मीकि, कृष्णा पुहाल, हरनेक सिंह मान, अशोक गुप्ता, लवली मेहता, अंकुश मोंगा, हैप्पी गिल, सुखविंदर सूर्य, संदीप गर्ग, के के सेठी, हरिप्रकाश शर्मा, धुन्नीदास गर्ग,  राजू मदान, सरदारी ग्रोवर, विजय पटवारी, राकेश गर्ग, काली मिढ़ा, नरेश मित्तल, नरेश मामू, परमिंदर अरोड़ा, रमेश काला प्रधान, सुखविंदर सरा, जगदीश अरोड़ा, अमरनाथ बागरी, विजय अरोडा, रवि सचदेवा, रिषि सेठी, सुरेश सोनी, दयानंद जल्लान्धरा, मंजीत पार्षद, जोगिंदर ढाल, गुरचरण नंबरदार, अजेश सिंगिकाट, पवन बंसल, जग्गा बराड़, ओम प्रकाश बागड़ी, राज बहादुर, रविंदर पादरी, कुलजीत मोंगा,दूनी चंद शर्मा, रिंका सेठी, सतपाल लोहगडिया, प्रेम बहल, सतपाल चावला, विक्की वर्मा, आदि मौजूद रहे।

लोगों द्वारा बताई गई मुख्य समस्याएँ।

1. अनाज मंडी से फाटक तक मैन सड़क का न बनना ।
2. कॉलोनी रोड का अधूरा काम और सड़क का घटिया बनाना।
3. पूरा शहर सफाई व्यवस्था से झूझ रहा है।
4. बिजली व पानी की भारी कमी व पीने वाला पानी दूषित है।
5. रेलवे अंडर ब्रिज का काम अधूरा पड़ा है।
6. शहर में नशे का बोलबाला है और समस्या नासूर बन चुकी है।
7. रोज़ाना लूट पाट, चोरी की घटनायें व कानून व्यवस्था बिल्कुल ठप है।
8. शहर में सीवर की व्यवस्था बिल्कुल नकारा है।
9. नगर परिषद में भरष्टाचार का बोलबाला।
10. रेलवे के लिफ्टिंग एरिया को शहर के बाहर किया जाए।
11. अधिकारीयो की स्थायी तौर पर नियुक्ति न होना।

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