Friday, March 9, 2018

बजट में युवाओं के रोजगार के लिए कोई रोडमैप नहीं - दुष्यंत चौटाला 

हिसार : मनोहर लाल खट्टर सरकार पिछले साढ़े तीन वर्षों में प्रदेश के वित्तीय प्रबंधन में पूरी तरह से नाकाम रही है। सरकार के वित्तीय प्रबंधन की विफलता का नजीता है कि आज प्रदेश पर न केवल कर्ज रिकार्ड सीमा तक बढ़ गया है बल्कि वित्तीय घाटे को भी कम करने में पूरी तरह से फेल साबित हुई है और प्रदेश के लोगों से करों के रूप में वसूली गई उनकी गाढ़ी कमाई ऋण अदायगी में जा रही है। इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हर वर्ष मोटी रकम ऋण और उसके ब्याज अदा करने में ही खर्च हो जाएगी तो प्रदेश में रोजगार के अवसर, कृषि, शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों के विकास के लिए पैसा कहां से आएगा। बजट से जाहिर है कि सरकार ने गांवों के विकास शिक्षा, कृषि, वेतन, बिजली, पानी, यातायात व्यवस्था आदि के बजट पर कैंची चला दी। भाजपा सरकार ने किसान, मजदूर, दुकानदार, व्यापारी, युवाओं और विद्यार्थियों सहित हर वर्ग को निराश किया है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आंकड़ों की बाजीगरी में माहिर खट्टर सरकार ने प्रदेश की जनता को झूठे सब्जबाग दिखाए हैं। उन्होंने कहा कि अतीत गवाह है कि खट्टर सरकार का साढ़े तीन वर्षों में विकास कहीं नजर नहीं आता। 
युवा सांसद ने कहा कि 1966 में हरियाणा के बनने से लेकर 2004 तक हरियाणा प्रदेश पर लगभग मात्र 23 हजार करोड़ का कर्जा था जो कि कांग्रेस के दस साल के शासनकाल में 70931 करोड़ हो गया था। भाजपा ने मात्र साढे तीन साल में प्रदेश को 90226 करोड़ रुपए का कर्जदार बना दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश पर कुल 161159 करोड़ का कर्ज है। 

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