Wednesday, March 7, 2018


एक मई तक का एसवाईएल के लिए अल्टीमेटम, नहीं तो भरेंगे जेल - अभय चौटाला 



नई दिल्ली : बुधवर को रामलीला मैदान में सतलुज-यमुना लिंक नहर के निर्माण और किसानों की मांगों को लेकर किसान अधिकार रैली में इनेलो को भारी समर्थन मिला और प्रदेश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में पहुंच कर ऐतिहासिक मैदान से हुंकार भरी। यहां रामलीला मैंदान में किसानों ने एक स्वर में आवाज बूलंद करते हुएभाजपा के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया। रामलीला मैदान में उमड़ी भारी भीड़ से गदगद इनेलो नेताओं ने ऐलान किया कि जब तक हरियाणा को उसके हिस्से का पानी एसवाईएल से नहीं मिलेगा तब तक वह दम नहीं लेंगे। 
दिल्ली का रामलीला मैदान इस ऐतिहासिक रैली का गवाह बना। जननायक स्व. देवीलाल की रैली के बाद यह पहला मौका था जब रामलीला मैदान में इतनी भारी संख्या में किसान अपनी मांगों को लेकर पहुंचे हों। खचाखच भरे रामलीला मैदान में आज 10 बजे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचने शुरू हो गए थे। इस रैली को लेकर किसानों के जोश का आलम यह था कि दिल्ली की सड़कों जाम लग गया। पुलिस और दिल्ली सरकार के जाममुक्त रखने के सारे बंदोबस्त धरे के धरे रह गए। बंपर टू बंपर वाहनों की कई किलोमीटर तक लंबी लाइनें लगी रही। 
रामलीला मैदान दिल्ली में 'किसान अधिकारी रैली को सम्बोधित करते हुए नेता विपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने केंद्र व राज्य की सरकार को चेताया कि अगर एक मई से पहले एसवाईएल नहर के निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया तो इनेलो जेल भरो आंदोलन चलाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार को अभी तक भी एसवाईएल के कानूनी फैसले की पेचिदगियां समझ नहीं आई हैं जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने प्रदेश के पक्ष में निर्णय दे चुका है। 


नेता विपक्ष ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतने लम्बे समय में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को मिलने तक का समय भी नहीं दिया जिससे स्पष्ट है कि प्रदेश व केंद्र सरकार एसवाईएल का पानी लाने के लिए किस प्रकार के प्रयास कर रही है। इससे यह भी स्पष्ट हो जाता है कि भाजपा सरकार इस विषय में कोई ठोस कदम नहीं उठाने वाली। इसलिए हरियाणा का मुख्य विपक्षी दल होने के नाते इनेलो ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अलग-अलग चार चरणों में संघर्ष किया और यह संघर्ष अब अंतिम होगा। 
इनेलो के वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा कि दादूपुर-नलवी नहर परियोजना जो राज्य में भू-जल स्तर के सुधार के लिए बहुत उपयोगी होनी थी, सरकार ने उसको केवल इस वजह से रद्द कर दिया क्योंकि उस योजना से सरकार को कोई मुनाफा नहीं दिख रहा था। लेकिन ऐसा करते हुए भाजपा सरकार यह भूल गई कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल बरसात के मौसम में यमुना के अतिरिक्त जल का सिंचाई के लिए प्रयोग करना ही नहीं था। यह नहर यमुनानगर, अम्बाला और कुरुक्षेत्र जिलों के 2.25 लाख एकड़ भूमि की सिंचाई के अतिरिक्त भू-जल स्तर के मामले में भी प्रभावशाली रहती। इनेलो का संघर्ष हरियाणा को जल के मामले में इस स्थिति से बचाना है और इसके लिए जो भी कुर्बानी दी जानी चाहिए वह दी जाएगी। सरकार इस मामले की गम्भीरता को समझे और दादूपुर-नलवी को पुन: बहाल करे। उन्होंने मेवात-कैनाल फीडर को लेकर भी सरकार को घेरा।


नेता विपक्ष ने एक बार फिर से अपने चुनावी वायदों को दोहराते हुए कहा कि प्रदेश में अगर इनेलो की सरकार आती है तो किसानों के सभी कर्ज माफ किए जाएंगे। हर घर में सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि उनकी सरकार बनने के बाद बेरोजगारी भत्ता 15000 रुपए प्रति माह दिया जाएगा। अपने भाषण में उन्होंने प्रदेश से लाखों की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं व प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त किया।
इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सर्वोच्च न्यायायल का फैसला आने के बाद भी एसवाईएल नहर का निर्माण क्यों रोका हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा हरियाणा के किसानों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। हरियाणा के खेत सूखे पड़े हैं और हालात इतने बदतर हो गए कि हरियाणा में भू स्तर नीचे जाने के कारण डार्क जोन घोषित हो चुका है। उन्होंने कहा कि न तो किसानों को उनकी फसलों के भाव मिल रहे हैं और न ही अच्छे खाद व बीज। किसानों का आर्थिक के साथ साथ मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक शोषण भाजपा सरकार कर रही है। 

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