Sunday, November 12, 2017

फिल्म रानी पद्मावती का चरित्र चित्रण गलत ढंग से दर्शाया गया है - दिग्विजय चौटाला


भिवानी, 12 नवम्बर : इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने यहां जारी बयान में कहा कि फिल्मी रानी पदमावती के चरित्र चित्रण को गलत ढंग से पेश करके संजय लीला भंसाली ने राजपूत समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। इनसो सरकार से और फिल्म सेंसर बोर्ड से  इस फिल्म को प्रसारित न करने की मांग करती है और साथ ही  संजय लीला भंसाली के फिल्म निर्माता के कार्य पर तुरंत प्रभाव से रोक लगे। चौटाला ने कहा कि जिस प्रकार से फिल्म के अन्दर रानी पदमावती के चरित्र को पेश किया गया है, वह समाज के लिए घातक है। क्योंकि हमारा देश सभ्यता व संस्कृति का देश है। रानी पदमावती के समय से लेकर अब तक हमारे देश के अन्दर सभ्यता के अन्दर राजघराने में स्त्रियां रहती हैं लेकिन जिस प्रकार से सोची समझी रणनीति के तहत फिल्म के प्रचार के लिए संजय लीला भंसाली ने इतिहास के तथ्यों से छेड़छाड़ करके गलत ढंग से दर्शाया है। यह अशोभनीय है। इनसो इस तरह की ओच्छी मानसिकता का घोर विरोध करती है। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि रानी पद्मिनी, चित्तौड़ की रानी थी। पद्मिनी को पद्मावती के नाम से भी जाना जाता है। वह 13 वीं -14 वीं सदी की महान भारतीय रानी थी। जब अलाउद्दीन ने चित्तौड़ पर हमला किया तो रानी पद्मिनी ने सेना के साथ मुकाबला किया। बाद में हजारों रानियों के साथ आग में कूदकर जान दे दी, लेकिन अपनी आन-बान पर आंच नहीं आने दी। जबकि फिल्म में कुछ और ही दर्शाया गया है। चौटाला ने कहा कि हम सामाजिक ताने बाने के लोग हैं और भाईचारे को तवज्जो देते हैं। इसलिए इनसो सरकार से तुरंत प्रभाव से मांग करती है कि इस फिल्म को सिनेमाघरों के अन्दर प्रदर्शित न किया जाए। क्योंकि इससे राजपूत समाज ही नहीं सर्वसमाज की नारी शक्ति को भारी आघात लगता है। जोकि हमारी संस्कृति के खिलाफ है। 

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