Wednesday, June 21, 2017

किसानों की मदद करने के बजाय मौत की नींद सुला रही भाजपा - दिग्विजय


सिरसा, 19 जून : लोकसभा चुनाव में देश के किसानों को स्वामिनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, कर्जे माफ करने, फसलों की लागत के अनुसार लाभकारी समर्थन मूल्य देने के बड़े-बड़े वादे करने वाली भाजपा सत्ता हासिल करने के बाद अपने इन वादों को भूल गई। अब जब किसान उन्हें उनके वादे याद करवाने के लिए देश भर में सड़कों पर उतर रहे हैं तो मध्य प्रदेश सरकार गोलियां मारकर उन्हें मौत के घाट उतार रही है। ऐसी सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं इसलिए मध्य प्रदेश सरकार को बर्खास्त किया जाए। यह बात इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने आज लघु सचिवालय में किसानों की मांगों के समर्थन तथा एमपी में किसानों पर गोलियां चलाकर उन्हें मौत के घाट उतारने की कार्रवाई के खिलाफ एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान का पुतला फूंककर रोष प्रदर्शन करते हुए कही। इस दौरान उन्होंने एसडीएम विजेंद्र सिंह हुड्डा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें एमपी सरकार को बर्खास्त करने, स्वामिनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, किसानों द्वारा लिए गए कृषि संबंधि सभी प्रकार के ऋणों को माफ करने, फसलों व सब्जियों के उत्पादन लागत के हिसाब से 50 प्रतिशत मुनाफे के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने, निर्धारित कीमत से कम पर की जाने वाली खरीद को गैर कानूनी बनाने, आपात व प्राकृतिक आपदा के कारण नष्ट फसल के नुकसान की भरपाई के लिए स्थाई कोष स्थापित कर किसानों की मदद करने की मांग की। इससे पहले दिग्विजय चौटाला गत सात दिनों से धरना दे रहे किसानों के बीच पहुंचे और उन्हें अपना समर्थन दिया। सभा का मंच संचालन जिला सह प्रैस प्रवक्ता महावीर शर्मा ने किया।



प्रदर्शन को संबोधित करते हुए दिग्विजय चौटाला ने कहा कि पहले तो पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने चुनावी वादों को पूरा करने में असमर्थता जता दी तो अब किसानों को बरगलाने के लिए एक नया वादा लेकर आए हैं कि वे 2022 तक किसानों की आमदनी को दुगुना कर देंगे, जो कि मात्र ढकोसला मात्र है। जो पीएम पहले के वादों को ही पूरा नहीं कर सकता वह इस नए वादे को क्या पूरा करेगा। चौटाला ने कहा कि किसान केवल कृषि से होने वाली आय पर अपने परिवार का पेट पालता है। बीज, खाद अन्य कृषि संबंधित उपकरण महंगे होने के कारण इन्हें खरीदने के लिए किसान को सहकारी बैंकों व आढ़तियों से ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता है, लेकिन जब खेती निरंतर घाटे का सौदा बन जाए तो लिए गए कर्ज के भुगतान के तनाव से वह मानसिक रूप से परेशान हो जाता है और ऐसे में जब सरकार ही मदद करने से हाथ पीछे खींच ले तो वह आत्महत्या करने के लिए विवश हो जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में औसतन 17 हजार किसानों ने आत्महत्या की है। इसी समस्या से निपटने के लिए ही स्वामीनाथन की अध्यक्षता में कृषि आयोग स्थापित किया गया था, जिसने किसान हित में अनेक सिफारिशें की थी और इन्हें ही लागू करने का भाजपा ने चुनाव दौरान वादा किया था, जिसे अब वह पूरा नहीं कर रही। इसी के रोषस्वरूप देश भर में किसान सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं तो उन्हें मौत के घाट उतारा जा रहा है, जो किसी भी प्रकार से न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि इनेलो ने सदैव किसान हित की बात की है और किसानों का साथ दिया है। इस मुद्दे पर भी इनेलो किसानों के साथ है और उनके साथ मिलकर लगातार संघर्ष कर रही है, जिसकी कड़ी में ही आज प्रदर्शन किया गया है। इस मौके पर सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी, सिरसा विधायक मक्खनलाल सिंगला, कालांवाली विधायक बलकौर सिंह, रानियां विधायक रामचंद्र कम्बोज, इनेलो जिलाध्यक्ष पदम जैन, पूर्व मंत्री भागीराम, मोहनलाल झोरड़, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जसवीर जस्सा, सर्वजीत मसीता, कुलदीप जम्मू, मनोहर मेहता, सुरेंद्र सिंह वैदवाला, डा. सीताराम, कृष्ण गुम्बर, प्रदीप मेहता, रमेश मेहता, कश्मीर सिंह करीवाला, धर्मवीर नैन, सुभाष नैन, रामकुमार नैन, वेद वधवा, योगेश शर्मा, गुरविंद्र सरपंच, महंगा सिंह, धर्मपाल कायत, भगवान कोटली, श्याम बामनिया, मोहित शर्मा, लक्की चौधरी, गिरधारी बिस्सू, हरपाल कासनिया, जरनैल चांदी, विनोद बेनीवाल, राजा कसवां, बुध सिंह सुखचैन, डा. हरिसिंह भारी, आत्माराम पूर्व सरपंच, महंगा सिंह, रणदीप, नछत्तर सिंह, जिप चेयरमैन प्रतिनिधि महेंद्र बाना, अजब भोला, भरपूर गदराना, भगवान कोटली, मीनूदीन पहलवान, मुकेश रोहिला, मदनलाल शर्मा आदि उपस्थित थे।

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