Friday, June 16, 2017


मंदसौर की घटना के विरोध में फरीदाबाद जिला इकाई के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा 



फरीदाबाद 16 जून : देश के किसानो पर कृषि सबंधित कर्जे की माफी, मध्य प्रदेश में पुलिस की गोलियों में मारे गये किसानो को लेकर आज इण्डियन नेशनल लोकदल जिला फरीदाबाद ईकाई ने जिला प्रभारी एवं पूर्व विधयक डा. राम कुमार सैनी एवं जिलाध्यक्ष देवेन्द्र चौधरी के नेतृत्व में माननीय राष्ट्रपति भारत सरकार के नाम फरीदाबाद उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने के अवसर पर अरविंद भारद्वाज, जोध सिहं वालिया, ललित बंसल, प्रेम सिंह धनखड, जगजीत कौर, शशिबाला तेवतिया, धारा सिंह, देवेन्द्र तेवतिया, तेजपाल डागर, रामजीत भाटी, अमर नरवत, अरविंद सरदाना, रविन्द्र पाराशर, सुरेश मोर, धर्मपाल सिंह दलाल, अमर दलाल, अजय भडाना, दुर्गपाल रावत, रियासुददीन, हनुमान सिंह खींची, मेजर मेहर सिंह, सुभाष पुंडीर, बच्चू सिंह तेवतिया, राजबाला शर्मा, जी आर भडाना, धर्मबीर कालीरमन, सचिन कौशिक, प्रदीप चौधरी, सुबोध सिंह, सावित्री तंवर, चित्रा नैन, राजीव मिश्रा, सोहन लाल तंवर, रवि शर्मा, मनीष तंवर, रामशरण रौतेला, जयपाल मलिक, नरेन्द्र अत्री, लाला मंदकोल, बच्चू सिंह तेवतिया सहित समस्त जिला फरीदाबाद इनेलो के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
ज्ञापन देने से पूर्व उपस्थित पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए जिला प्रभारी डा. राम कुमार सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 में लोकसभा चुनावों के पूर्व भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में और हरियाणा विधानसभा चुनावों से पूर्व चुनाव प्रचार के दौरान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के किसानों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए स्वामीनाथन रिपोर्ट की न्यूनतम समर्थन मूल्य बारे सिफारिशों को लागू करने का वादा किया था। यह वादा घोषणा पत्र के अनेक वायदो में से एक ना समझा जाये इसे सुनिश्चित करने के लिए श्री नरेन्द्र मेादी सहित सभी भाजपा नेताओं ने अपनी चुनावी सभाओ में बार बार दोहराया था। देश के किसान इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि कांग्रेस से भिन्न होने का दावा करने वाली भाजपा अपने घोषणा पत्र की शुचिता को बनाये रखेगी।
श्री सैनी ने कहा कि यह बहुत ही खेद की बात है कि देश की जनता और विशेष रूप से किसानों का समर्थन पाने के बाद भाजपा ने सत्ता प्राप्त करने के बाद न केवल अपने वायदे को लागू करने में अपनी असमर्थता व्यक्त की बल्कि किसानो को यह कह कर लुभाने का प्रयास किया कि वर्ष 2022 तक उनकी आमदनी दुगनी कर दी जायेगी। उन्होंने कहाकि वह राष्ट्रपति महोदय को इस ज्ञापन के माध्यम से बताना चाहेंगे यह सर्वविदित है कि किसान केवल अपनी कृषि से होने वाली आमदनी पर ही निर्भर रहता है। इसके लिए उसे सहकारी बैंकों तािा आढतियों से कर्ज लेना पउता है। उक्त दोनो कर्जदाता समय पर ब्याज सहित उस कर्ज की वसूली भी करते है। परंतु जब खेती निरंतर घाटे का सौदा बन जाऐ तब उस कर्ज और उसके तनाव से निपटना किसान के लिए बहुत कठिन हो जाता है। इसी का परिणाम है कि किसान आत्महत्या करने के लिए विवश हो रहे है।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष देवेन्द्र चौहान ने कहा कि सत्तासीन सरकार द्वारा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू न करने के परिणाम स्वरूप आज मध्य प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र सहित सभी राज्यों के किसान कर्ज में डूबे हुए है और इस दबाव में आए  दिन आत्महत्या करने पर विवश है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद भी आत्महत्याओं का ग्राफ तेजी से बडा है। हताशा की इस सीमा पर खड़ा किसान अब मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के किसानो की तरह सडको पर उतर रहा है और उसे पुलिस की गोलियों का सामना करना पड रहा है जिस पर सरकार पूरी तरह से चुप है। 
उन्होंने कहा कि इसलिए इनेलो की यह मांग है कि इस परिस्थिति से निपटने के लिए केवल एक मात्र विकल्प यह है कि मध्य प्रदेश की सरकार को बर्खास्त किया जाये और हरियाणा के किसानो समेत अभी तक किसानो द्वारा जो भी कृषि संबंधित ऋण लिये गये हैं। उन्हे माफ किया जाये। किसानों द्वारा उत्पादित सभी फसलों व सब्जियों के न्यूनतम समर्थन मूल्य घेषित किया जाये और उसे घोषित करते हुए स्वामीनाथन रिपोर्ट द्वारा सुझाये फार्मूले का अनुसरण करते हुए उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफा दिया जाये। उपरोक्त आधार पर निर्धारित मूल्य से कम कीमत पर किसानो से की जाने वाली खरीद को गैर कानूनी बनाया जाये। आपात एवं प्राकृतिक प्रकोप की स्थिति में किसानों की सहायता के लिए एक स्थाई किसान कोष स्थापित किया जाये। 

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