Thursday, June 16, 2016

राबर्ट वाड्रा व भूपेंद्र हुड्डा को बचाने की कोशिश कर रही भाजपा : दुष्यंत चौटाला


जींद : हिसार से इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में जमीन सौदे के गड़बड़झाले की जांच के लिए गठित किए गए जस्टिस ढींगरा आयोग में सेफ पैसेज छोड़कर भाजपा सरकार ने राबर्ट वाड्रा तथा भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बचाने की कोशिश की है। इस आयोग का असंवैधानिक रुप से गठन करके केवल सरकार खानापूर्ति कर रही है। सरकार की नियत साफ नहीं है।
चौटाला यहां इनेलो कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने पिछले दिनों हुए राज्यसभा चुनावों के सवाल पर कहा कि चौ. भजनलाल के शासनकाल में आयाराम-गयाराम की स्थिति थी। राज्यसभा चुनावों में भाजपा तथा कांग्रेस ने मिलीभगत करके फिर से प्रदेश में ही यही स्थिति पैदा कर दी है। इन लोगों को जनता से कोई लेना-देना नहीं है बल्कि यह राजनेता केवल अपने स्वार्थपूर्ति के लिए काम करते हैं। इनेलो अपने स्टैंड पर कायम रही तथा उसने एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाई है। इनेलो हमेशा जनता के हितों को ध्यान में रखकर ही काम करती है। प्रकाश सिंह आयोग कमेटी द्वारा रिपोर्ट में उनका नाम के जिक्र पर उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के पेज नंबर 20 पर उनका नाम सरकार ने रिपोर्ट नहीं हटाया है बल्कि एक अन्य पेज रिपोर्ट में जोड़कर कोरिजेंडम एड किया है। इसके लिए कमेटी के सभी सदस्यों तथा सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करवा चुके हैं तथा विशेषज्ञों से राय लेकर आगे की कार्रवाई करेंगे। इस मामले को वे लोकसभा में उठाएंगे तथा सभी से सवाल-जवाब किए जाएंगे। जाट आरक्षण मामले पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इनेलो ने आंदोलनकारियों को अपना खुलकर समर्थन दिया है तथा उनसे शांति से अपना आंदोलन चलाने की अपील की है। जाटों को आरक्षण देने पर सरकार की नीयत साफ नहीं है क्योंकि विधानसभा में आरक्षण बिल पास करने के डेढ़ महीने बाद इस बिल पर महामहिम राज्यपाल ने हस्ताक्षर किए। अब 2 महीने से भी ज्यादा हो चुके हैं लेकिन सरकार ने इस बिल को केंद्र सरकार के पास नहीं भेजा है ताकि इसे संविधान की 9वीं अनुसूचि में शामिल किया जा सके। इससे साफ पता चलता है कि भाजपा सरकार केवल जाटों को बरगलाने का काम कर रही हैं, आरक्षण देने की खोखली बातें की जा रही हैं लेकिन सरकार की नियत में खोट है। सरकार आंदोलनकारियों को डराने तथा धमकाने का प्रयास कर रही है। यदि सरकार को सेना के दम पर ही माहौल ठीक करना है तो फिर वह जम्मू-कश्मीर में माहौल ठीक क्यों नहीं कर पाई, जबकि हरियाणा का तो माहौल केवल भाजपा ने ही बिगाड़ा है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र के लिए अनेक विकास कार्यों की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजे हैं लेकिन काफी कामों में ऑब्जेक्शन लगाकर उनको मना किया जा रहा है। विकास कार्यों में सरकार बाधा बन रही है जबकि विकास के नाम पर भाजपा सरकार खोखले दावे कर रही है। जो व्यक्ति विकास कार्य करवाना चाहता है, उसे सरकार रोकने का काम कर रही है। केंद्र तथा प्रदेश सरकार की मंशा साफ नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग फिर से जाटों का उकसाने का काम कर रहे हैं। भाजपा फिर से प्रदेश में दंगे भड़काना चाहती है। भाजपा की नीति हमेशा लोगों को आपस में लड़वाने की रही हैं। पहली बार हरियाणा में भाजपा की सरकार बनी तो इतना बड़ा आंदोलन हुआ और बेकसूर लोगों की जान गई। आज तक इतना बड़ा आंदोलन किसी भी सरकार के शासनकाल में नहीं हुआ था। उनके साथ इनेलो के जिला प्रधान कलीराम पटवारी, विधायक परमेंद्र सिंह ढुल, पृथी नंबरदार, डॉ. कृष्ण मिढ़ा, दयानंद कूंडू, भूपेंद्र जुलानी, बलराज नगूरां, डॉ. रामचंद्र जांगड़ा, सुदेश चौपड़ा, देशराज माटा, यादवेंद्र खर्ब, प्रताप लाठर, बिट्टू नैन, अनुराग खटकड़, विश्ववीर नंबरदार, प्रवीण बैनिवाल, सूबे सिंह लौहान, सुभाष देखवाल, बलवंत जोगी, सोनू गुलिय, नरेश भनवाला, कर्मपाल ढुल, जयनारायण भारद्वाज, किताब सिंह ढांडा, बिजेंद्र रेढू, हरीश अरोड़ा तथा इनेलो कार्यालय सचिव गुरदीप सांगवान भी मौजूद थे।

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