Thursday, June 2, 2016

प्रदेश के हालात फिर खराब करना चाहती है सरकार- लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की


यमुनानगर, 1 जून : विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय ङ्क्षसह चौटाला ने भाजपा सरकार को निशाना बनाते हुए कहा है कि सब्जबाग दिखाकर लोगों को गुमराह कर रही इस सरकार के कार्यकाल में आम आदमी दहशत में है और महंगाई के चलते खेतीहर किसान और मजदूर बदहाली की जिंदगी जीने को मजबूर है। वे आज मुलाना हल्के के साहा और जगाधरी हल्के के गांव पंजेटो में डा. भीम राव अम्बेदकर की जयंती पर आयोजित सदभावना सभाओं में बोल रहे थे। अभय चौटाला ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले अपनी लोक लुभावने भाषणों और चुनावी घोषणा पत्र में जो वायदे किए थे वह उनको वास्तविकता के धरातल पर यह पार्टी नहीं ला सकी है और आम आदमी भाजपा की सरकार को सत्ता में लाकर अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। इनेलो नेता ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है और आम आदमी राह चलते हुए भी अपने आपको असुरक्षित महसूस करता है। इन सदभावना सभाओं में अभय ङ्क्षसह चौटाला के अलावा प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व विधायक राजबीर बराड़ा व दिलबाग सिंह सहित पार्टी के अनेक प्रमुख नेता मौजूद थे। इनेलो नेता ने लोगों को किसी के बहकावे में न आने और आपसी प्रेम प्यार व भाईचारा बनाए रखने की भी अपील की। 


इनेलो नेता ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान घटी घटनाओं के लिए सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सरकार को इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री पुलिस प्रमुख अथवा आलाधिकारी नीचे के अधिकारियों को कार्रवाई करने के कोई आदेश नहीं देंगे तब तक कोई छोटा अधिकारी अपने स्तर पर कैसे कार्रवाई कर सकता है? उन्होंने पूरे घटनाक्रम के लिए सरकार की गलतियों व कमजोरी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जो गोपनीय दस्तावेजों के नामों पर 37 पृष्ठ रिपोर्ट के जारी नहीं किए गए उन्हें भी लोगों के बीच लाना चाहिए ताकि पता चल सके कि उनमें क्या कुछ गोपनीय जानकारी दी गई है? इनेलो नेता ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के लिए जो लोग दोषी हैं उन्हें छोड़ दिया गया है और एसडीएम, डीएसपी व तहसीलदार जैसे छोटे अधिकारियों को बली का बकरा बनाया जा रहा है। 


अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश सरकार पर जाट आरक्षण मुद्दे पर गंभीर न होने और जानबुझ कर फिर से प्रदेश के हालात खराब करने का भी आरोप लगाया है। इनेलो नेता ने कहा कि पंचायत चुनाव में शैक्षणिक योग्यता जरूरी करने का बिल विधानसभा में आनन फ ानन में पास करवाने के बाद उसी रात राज्यपाल से भी हाथों-हाथ मुहर लगवा ली गई और सुप्रीम कोर्ट से भी सरकार क्लीयर करवा कर लाई। दूसरी तरफ जाट आरक्षण बिल को संविधान के नौंवे अनुछेद में नहीं डाला गया और जब तक लोकसभा का सत्र चल रहा था तब तक करीब डेढ महीना तक इस बिल को राज्यपाल के पास ही अटकाए रखा गया ताकि इनेलो सांसद इस बिल को संविधान के नौंवे अनुछेद में डाले जाने की मांग संसद में न उठा सकें। इनेलो नेता ने कहा कि इस मामले में सरकार की नियत ठीक नहीं है, इसलिए आज फिर प्रदेश में टकराव के हालात बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी 5 जून से आंदोलन फिर से शुरू करने की घोषणा कर रहे हैं और प्रदेश में जानबुझ कर फरवरी जैसे हालात बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नियत में खोट है और आगे फिर प्रदेश के हालात खराब हुए तो इसके लिए सीधे तौर पर सरकार जिम्मेदार होगी।
अशोक अरोड़ा ने कहा कि मौजूदा केंद्र व राज्य सरकार ने मौकापरस्ती की राजनीति की है और बाबा साहेब अम्बेदकर को कभी भुले बिसरे भी याद न करने वाली भारतीय जनता पार्टी कई राज्यों में चुनावी बिगुल बजने के बाद बाबा साहेब अम्बेदकर को अपना आदर्श मानने का ढोंग कर रही है और अब संविधान के निर्माण डा. भीम राव अम्बेदकर पर यह राजनीतिक दल चुनावी फायदा लेने के लिए राजनीति करने की कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा तथा कांग्रेस के कारण आज हरियाणा प्रदेश बिखराव की तरफ है। इनेलो नेता ने अपने संबोधन में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को पूरी तरह विफल सरकार बताते हुए सरकार पर कई प्रहार किए। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेश को जो जानमाल का नुकसान सहन करना पड़ा है उसके लिए पूरी तरह से सत्तासीन भाजपा व घोटालों की सरताज रही कांग्रेस जिम्मेदार है। यह बात इस तथ्य से स्पष्ट होती है जहां-जहां भारी नुकसान आंदोलन के दौरान हुआ है वहां-वहां के विधायक भाजपा व कांग्रेस के हैं।

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