Thursday, November 23, 2017


इनेलो सरकार आने पर युवाओं को प्राइवेट नौकरियों में  देंगे 50 प्रतिशत आरक्षण  - दुष्यंत चौटाला 




फरीदाबाद, 23 नवम्बर : इण्डियन नेशनल लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता एवं युवा अध्यक्ष अरविंद भारद्वाज द्वारा पृथला विधानसभा क्षेत्र स्थित गांव साहुपुरा में आयोजित युवा कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए सांसद दुष्यंत चौटाला का जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर अरविंद भारद्वाज ने इनेलो पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ श्री चौटाला का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया।
इस अवसर पर उपस्थित युवा इनेलो पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि फरीदाबाद शहर का युवा शिक्षित है परंतु वर्तमान सरकार के कारण यह युवा बेरोजगारी की मार झेल रहा है उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आयी तो हम प्राईवेट औद्योगिक संस्थानो में 50 प्रतिशत का आरक्षण युवाओ के लिए रखेेंंगे ताकि युवा जो कि देश व प्रदेश की ताकत है वह अपने आपको सुदृढ कर सके।  उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार में टोल टैक्स विभिन्न राज्यों में वसूलो जा रहा है परंतु हम टोल टैक्स का सदैव विरोध करते रहे है और करते रहेेंगे। उन्होंने कहा कि गदपुरी पर लगने वाले टोल टैक्स का भी हम विरोध करते है और उसे हटाने की लड़ाई हम लडेंगे। उन्होंने कहा कि पेंशन हमारी ही सरकार की देन है ओर हमारी सरकार आयी तो हम पेंशन 2500 रूपये करेंगे साथ ही क गरीब कन्या की विवाह में 5 लाख की राशि दी जायेगी व किसानो के घरो के बिल हाफ और खेतो के बिल माफ करेंगे यह हमारा वादा है।ं
उन्होंने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से अपील कि वह जनता की समस्याओ को हल करवायेंगे और संगठन को मजबूत बनाये क्योकि आगामी चुनावो में इनेलो भारी मतों से विजयी होकर सरकार बनाये और जनता को सभी सुख सुविधांए मुहैया कराये। 
कार्यकर्ता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए प्रदेश प्रवक्ता एवं युवा अध्यक्ष अरविंद भारद्वाज ने कहा कि आज पृथला विधानसभा क्षेत्र का शिक्षित युवा वर्ग बेरोजगारी की मार झेल रहा है उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानो में तो रोजगार है ही नहीं प्राईवेट में भी इस क्षेत्र के बेरोजगारो को नहीं रखा जाता है उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आयी तो हम सबसे पहले बेरोजगारी को दूर कर सबको रोजगार मुहैया करायेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान विधायक केवल सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपने राजस्व की बढौतरी कर रहा है उसे जनता से कोई लेना देना नहीं है। उनहोंने कहा कि कांग्रेस ने लूट और भाजपा ने झूठ की राजनीति कर रखी है जिसे इनेलो सहन नही करेगी और इसका जमकर विरोध करेगी। 
इस सम्मेलन में देवेन्द्र चौहान, अरविंद भारद्वाज, विधायक केहर सिंह रावत, राजेन्द्र बीसला, इन्द्रदेव महाशय, सचिन कौशिक, पवन रावत, ललित बंसल, रविन्द्र पाराशर, रूपचंद लाम्बा, जगजीत कौर, रामजीत भाटी, सचिन कौशिक, धारा सिंह, सुरेश मोर, सुरेश वर्मा, सुबोध सिंह, पवन रावत, देवेन्द्र तेवतिया, अजय भडाना, अमर दलाल, दृगपाल रावत, ठाकुर राजाराम, संजय तंवर, सुरेन्द्र हुड्डा, सुमित कौशिक, सुनील अत्री, जगमोहन तेवतिया, प्रताप सरपंच प्रेम सरपंच जाजरू,नरोत्तम सरपंच, मोहराम सरपंच, हेतलाल सरपंच, योगेश सरपंच, सूबे चेयरमैन सहित अन्य इनेलो पदाधिकारी व ग्रामीण उपस्थित थे।

ट्रैक्टर ट्राली पर टोल भाजपा सरकार का तानाशाही फैसला - दिग्विजय चौटाला

भिवानी, 23 नवम्बर : आम आदमी को सांस लेने के लिए भी अब टैक्स देना पड़ेगा। क्योंकि यह भाजपा का डिजिटल इंडिया है। धरती पुत्र किसान का एकमात्र साधन टै्रक्टर ट्राली पर टोल टैक्स लगाना और उसे कमर्शियल वाहनों की श्रेणी में डालना भाजपा सरकार का तानाशाही रवैये को दर्शाता है। किसान को मारने पर तुली इस सरकार ने तानाशाही फैसलों से आम आदमी का जीना दुर्भर कर रखा है। यह आरोप इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने यहां जारी बयान में लगाए। इनसो अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व उपप्रधानमंत्री जननायक चौधरी देवीलाल ने सन 1989 में सड़क एवं परिवहन विभाग, मोटर व्हीकल अधिनियम तथा एनएचएआई की नियमावली में संशोधन करवाकर टै्रक्टर ट्राली को गढ्ढे का दर्जा दिलवाकर किसानों के चेहरों पर मुस्कराहट ला दी थी। मौजूदा भाजपा सरकार के केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के द्वारा टै्रक्टर पर ट्रक के समान टोल लगाना निंदनीय है। इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने जहां आम आदमी को टोल प्लाजा से हो रही परेशानियों को देखते हुए टोल हटाओ आंदोलन छेड़ा वहीं दूसरी तरफ भाजपा सरकार ने अधिसूचना जारी करके कृषि का साधन ट्रैक्टर पर टोल लगा दिया। भाजपा के इस फैसले से हरियाणा ही नहीं देश के किसानों में भारी रोष है। भाजपा के द्वारा इस तरह के तानाशाही फैसले लागू करना भाजपा के दिन लद चुके दर्शाता है। उन्होंने कहा कि चौधरी देवीलाल ने ट्रैक्टर, रेडियो व साईकिल समेत 22 टैक्सों से देश की जनता व धरती पुत्र किसान को मुक्त कर इंदिरा गांधी के फैसलों से मुक्ति दिलाई थी। यही नहीं उन्होंने किसानों के समर्थन में जन आंदोलन छेड़कर तत्कालीन कांग्रेस सरकार से  किसानों के हितों को बचाने का काम किया था। यदि सरकार ने इस फैसले को वापिस नहीं लिया तो इनसो और युवा पीढ़ी दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएगी। 
नौकरियों में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी मिले लाभ - अशोक अरोड़ा 

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार द्वारा श्रेणी सी और डी की नौकरियों के लिए साक्षात्कार के लिए निर्धारित अंकों में लाए गए नियमों के बदलाव पर प्रतिक्रिया जताते हुए इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने मांग की कि बदली नीति का लाभ ग्रामीण स्कूलों में पढ़े विद्यार्थियों को भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह वर्ग ग्रामीण परिवेश और साधनों के अभाव में शिक्षित होता है और वहां के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर शहरी स्कूलों के मुकाबले में कम विकसित होने के साथ-साथ वैसा अनुभव भी नहीं देता जैसा शहरी स्कूलों के विद्यार्थियों को प्राप्त होता है।
अशोक अरोड़ा ने यह भी कहा कि समाज में सबसे अधिक प्रोत्साहन और मदद की आवश्यकता ग्रामीण परिवेश में पढ़े-लिखे युवाओं को होती है क्योंकि शहरों की तुलना में उन्हें उचित योग्यता प्राप्त करने के लिए अधिक बाधाएं पार करनी पड़ती हंै। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह सरकार के उस निर्णय का तो स्वागत करते हैं जिसके अनुसार श्रेणी सी और डी के लिए उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके परिवार में एक भी सदस्य को सरकारी नौकरी प्राप्त नहीं हुई है, या जो विधवा है अथवा ऐसा उम्मीदवार है जिसके पिता का स्वर्गवास तब हुआ था जब उसी आयु15 वर्ष से कम थी। परंतु बदले हुए इन अंकों के नियमों का समूचित लाभ समाज को तभी प्राप्त हो सकता है जब इसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी दिया जाए। इस तथ्य को नहीं भुलाया जा सकता कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी विपरीत परिस्थितियों में पढ़ते हुए अपने परिवार की कृषि कार्यों में भी निरंतर सहायता देते हैं जिस कारण उनका पढऩा-लिखना और भी अधिक सराहनीय प्रयास बन जाता है।
इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष ने मांग की कि तुरंत प्रभाव से सरकार अपनी इस बदली हुई नीति का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी दे ताकि समाज में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती खाई को रोका जा सके। यदि ऐसा नहीं किया जाता तो हरियाणवी समाजके ऐसी ‘संकीर्ण घरेलू दीवारों से टुकड़ों में बंटने’ की सम्भावना बढ़ जाती है जिस कारण समूचा समाज आपसी टकराव की स्थिति में खड़ा हो जाएगा।

Wednesday, November 22, 2017

नैना चौटाला ने महिलाओं के बीच चलाया टोल हटाओ पर हस्ताक्षर अभियान


हिसार, 22 नवंबर : दिल्ली-सिरसा हाईवे पर लगे रामायण टोल प्लाजा और चिकनवास टोल प्लाजा को हटाने इनेलो द्वारा चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान के दूसरे चरण में आज महिलाओं के लिए हस्ताक्षर अभियान की शुरूआत की गई। डबवाली से विधायक नैना चौटाला ने आज चौ. देवीलाल सदन में आयोजित महिलाओं की बैठक में नैना चौटाला ने स्वयं हस्ताक्षर कर इस अभियान की शुरूआत की। नैना सिंह चौटाला ने कहा कि टोल प्लाजा पर अवैध रूप से हो रही टोल वसूली का असर महिलाओं के पर सीधे रूप से पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध वसूली का असर महिलाओं की रसोई पर भी पड़ता है और उनका मासिक बजट बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में कमतर नहीं है और इनेलो द्वारा चलाए जा रहे टोल उखाड़ो अभियान में महिलाएं भी बढ़चढ़ कर भाग लें और अधिक से अधिक हस्ताक्षर इस मुहिम का समर्थन करें। एक सवाल के जवाब में विधायक नैना सिंह ने कहा कि टोल को उखाडऩे में यदि महिलाओं की जरूरत पड़ी तो सरकार को दिए अल्टीमेटम के बाद स्वयं टोल उखाडऩे के लिए महिलाओं सहित वह स्वयं टोल प्लाजा पर पहुंचेगी। इस अवसर पर महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष शीला भ्याण, छन्नो देवी,, कमला खरक पूनिया, मूति लितानी, राधिक गोदारा, डा. कमलेश दिनोदिया, कीर्ति गोयल, प्रीति गोयल, सारिका सिंगल, सावित्री राठी, इंदिरावती, चंद्रकांता वर्मा, बीरमति डाबड़ा, बाला मलिक, सुमन डाबड़ा, गीता सोनी सहित भारी संख्या में अन्य महिलाएं उपस्थित थे। 

अवैध टोल बैरियर को बंद करवाने की मुहिम चलाएगी इनेलो - दुष्यंत चौटाला 



चंडीगढ़, 22 नवम्बर: हिसार से इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने सरकार पर आरोप लगाया कि भाजपा की दोषपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल स्थापित करने की नीति द्वारा साधारण जनता को लूटा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में तो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अपने दिशा-निर्देशों को ताक पर रखकर टोल बैरियर स्थापित किए जा रहे हैं और मांग की कि ऐसे सभी टोल बैरियर को हटाया जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि मय्यड़-रमैणा टोल बैरियर जिसे बंद करने की मांग इनेलो उठा चुकी है उसे यदि 1 दिसम्बर तक नहीं हटाया गया तो उन्हें बंद करवाने की मुहिम चलाई जाएगी। 
उन्होंने याद दिलाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के दिशानिर्देश अनुसार एक टोल से दूसरे टोल की कम से कम दूरी 60 कि.मी. होनी चाहिए। लेकिन सरकार ने सीमांत स्थित सैनिक महत्व के अमृतसर को सिरसा और रोहतक से होते हुए दिल्ली से जोडऩे वाले राजमार्ग की लगभग 250 किलोमीटर की दूरी में डबवाली, मोरीवाला, चिकणवास, मय्यड़, सांपला और मदीना पर 6 टोल टैक्स बैरियर लगाए गए हैं। इसी प्रकार दिल्ली-चण्डीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर करनाल से मुरथल तक तीन टोल नाके लगाए है जो स्पष्ट तौर पर एनएचएआई के नियमों का उल्लंघन है। 
इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अपने निर्देशों के अनुसार पालिका या परिषद से दस किलोमीटर की सीमा के भीतर टोल बैरियर नहीं स्थापित किया जा सकता। किन्तु अपने ही निर्देश की उल्लंघना करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नरवाना नगर परिषद से 1.5 किलोमीटर की सीमा टोल बैरियर लगाया है और अपनी नोटिफिकेशन में कमेटी को नरवाना गांव दर्शाया है। इस निर्देश की उल्लंघना पंचकूला जिला में चंडीगढ़ के निकट और गुरुग्राम में मानेसर में टोल बैरियर स्थापित कर भी की गई है।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राज्य में 22 टोल बैरियर स्थापित किए जा चुके हैं और यह हर जिले में एक है जिस कारण दिन-प्रति-दिन आंतरिक यात्रा करने वाले आम आदमी को भी बस का किराया भी अधिक देना पड़ता है। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि भाजपा के तीन वर्ष के शासनकाल में आठ नए टोल बैरियर स्थापित हुए हैं और अनुमान है कि अगले कुछ समय में बारह और ऐसे बैरियर स्थापित होंगे। इतना ही नहीं  राज्य में ऐसे उदाहरण भी हैं जहां राजमार्ग अभी निर्माणाधीन हैं परंतु फिर भी उन पर टोल वसूला जा रहा है।
हिसार के सांसद ने भारत सरकार द्वारा केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 में ट्रैक्टरों को लेकर किए गए संशोधन की भी कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उसमें भी सरकार की किसान विरोधी मानसिकता साफ दिखाई देती है। नए संशोधित नियम-2 के उपनियम (ख) में ‘कृषि ट्रैक्टर एक परिवहनेत्तर वाहन है’ के अनुसार अब ट्रैक्टर भी कमर्शियल वाहनों की श्रेणी में आएंगे जिससे उनका पंजीकरण भी होगा और उन पर वह सभी नियम लागू होंगे जो ऐसे अन्य वाहनों पर लागू होते हैं। फलस्वरूप जब भी किसान कुछ किलोमीटर की दूरी तय कर अपने ट्रैक्टर पर फसल लेकर शहर की मंडी में आता है या किसी भी अन्य खेती संबंधी कार्य से वहां आते हुए किसी टोल बैरियर को पार करता है तो उसे वही टोल देना होगा जो अन्य कमर्शियल वाहन देते हैं। उन्होंने कहा कि जाहिर है इससे पहले से आर्थिक बोझ में दबा किसान और अधिक शोषित अनुभव करेगा।

नैना चौटाला गांवों में करेंगी हरी चुनरी की चौपाल की शुरूआत


हिसार, 22 नवंबर : महिलाओं को अपनी बात रखने और सरकार तक उनके मन की बात पहुंचाने के लिए डबवाली से विधायक नैना चौटाला हरी चुनरी की चौपाल के एक गैर राजनैतिक प्लेटफार्म प्रदान करने जा रही है। हरी चुनरी की चौपाल की शुरूआत हिसार लोकसभा क्षेत्र से शुरू होगी और हर माह आयोजित होगी जिसमें विधायक नैना चौटाला स्वयं महिलाओं के साथ विचार साझा करेंगी। यह घोषणा आज डबवाली से विधायक नैना चौटाला ने चौ. देवीलाल सदन में आयोजित महिलाओं की बैठक को संबोधित करते हुए की। बैठक में टोल हटाने को लेकर चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान के तहत महिलाओं के हस्ताक्षर अभियान की शुरूआत की। नैना चौटाला ने स्वयं इस अभियान की शुरूआत की। यहां पहुंचने पर महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष शीला भ्याण ने नैना चौटाला का स्वागत किया। बैठक में महिलाओं ने भी अपने विचार रखे। 
इनेलो विधायक नैना चौटाला ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपकी ताकत की वजह से ही मैं विधानसभा तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि महिलाओं को अपनी मन की बात कहने का एक प्लेटफार्म मिलना चाहिए। इसके लिए वह हर माह महिलाओं से हरी चुनरी की चौपाल के माध्यम से रूबरू होंगी। यह चौपाल गांव में ही आयोजित की जाएगी। नैना चौटाला ने बेटी-पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान को लेकर सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि सरकार की मंशा ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि बेटी को पढ़ाना और बेटी बचाना निसंदेह अच्छा अभियान है परन्तु सरकार को बेटियों को पढ़ाने के लिए सुरक्षित वातारण उपलब्ध करवाना चाहिए और पर्याप्त सख्ंया में स्कूल, कालेज, परिहवन व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए। नैना चौटाला ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक बात है कि सरकार की पार्टी के अध्यक्ष का बेटा महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और अपहरण जैसी घिनौनी हरकत करने का अरोपी है। ऐसे में सरकार से कैसे बेटियों की सुरक्षा उम्मीद की जा सकती है। 
इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष शीला भ्याण ने कहा कि इनेलो पार्टी मेंं महिलाओं को पूरा मान-सम्मान दिया जाता है और इनेलो सरकार के समय इनेलो को विभिन्न पदों से नवाजा गया। उन्होंने कहा कि कन्यादान सहित अनेक महिलाओं के लिए अनेक योजनाओं की शुरूआत भी इनेलो के राज में की गई। महिला प्रदेशाध्यक्ष ने हरी चुनरी की चौपाल कार्यक्रम की शुरूआत हिसार से करते हुए पूरे प्रदेश में चलाने की अपील की। 
इस अवसर पर जिला प्रधान राजेंद्र लितानी, विधायक वेद नारंग, विधायक अनूप धानक, महिला जिला अध्यक्ष छन्नो दैवी, कृष्णा खर्ब, वीना झांब, निर्मला कुंडू, निर्मला रेढू, दर्शना लाठर, कृष्णा भाटी, ज्योति सरपंच, बालादेवी, निर्मला दहिया, संतोष पानू,  राजकली जुगलान, वीना सपरा,  सुनीता कनोह, ललिता टांक, वीना झांब, मैडम राज हसीना, निर्मला, सुनीता सहित भारी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी। 

Tuesday, November 21, 2017


शिक्षा प्रेरकों का रोजगार छीन भाजपा का युवा विरोधी चेहरा उजागर - दिग्विजय सिंह चौटाला

भिवानी, 21 नवंबर : इनेलो शासनकाल में लाखों युवाओं को रोजगार देकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया गया था। रोजगार देकर इनेलो नेताओं ने बड़ी कुर्बानियां भी दी लेकिन उसके उलटे कांग्रेस व मौजूदा भाजपा सरकार ने रोजगार छिनने का काम किया। शिक्षा प्रेरकों के साथ सरकार ने सोची समझी राजनीति के तहत धोखा किया है। इनसो शिक्षा प्रेरकों की दोबारा नियुक्ति एवं उनके बकाया वेतनमान को देने की मांग करती है। यह मांग इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने यहां जारी बयान में कहे। दिग्विजय ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की साक्षरता दर बढ़ाने के लिए 5100 शिक्षा प्रेरकों को 2954 लोक शिक्षा केंद्रों पर शिक्षा की अलख जगाने का लॉलीपोप दिया गया था। अगस्त 2012 में साक्षरता प्राधिकरण मिशन अथॉरिटी हरियाणा के द्वारा 10 जिलों में शिक्षा प्रेरकों की नियुक्ति की गई थी। जहां युवाओं ने ईमानदारी से 2954 गावों में साक्षरता केंद्रों पर जाकर शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में भरपूर भूमिका निभाई। उस समय शिक्षा प्रेरकों का मानदेय 2 हजार रूपये रखा भी गया था लेकिन सरकार की ओच्छी मानसिकता और लूटखसोट की नीति ने शिक्षा प्रेरकों के 8 माह का वेतन एवं 55 माह का लोक शिक्षा केंद्रों का खर्चा अभी तक नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिन पहले इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने शिक्षा प्रेरकों की मांग को भिवानी में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी कमेटी की बैठक में भी पूरा जोर शोर से उठाया था। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रेरकों के द्वारा गर्मी और सर्दी में बिना झिझक के कड़ी महेनत करके शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास भी किया गया। चौटाला ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि रोजगार छिनने के नाम से प्रसिद्ध प्रदेश सरकार ने शिक्षा प्रेरकों को बिना अल्टीमेटम दिए 3 जून को घर जाने के लिए कह दिया जो सरासर गलत है। एक तरफ इनेलो ने अकेले भिवानी से डा. अजय सिंह चौटाला के मार्गदर्शन में 17 हजार नौकरियां दी थी, वहीं दुसरी तरफ 5500 शिक्षा प्रेरक के घर के चुल्हे को बुझाने का काम भाजपा ने किया। शिक्षा प्रेरक काफी समय से भिवानी में धरने पर बैठे हैं लेकिन सरकार उनकी कोई सुध नहीं ले रही। अनुभवहीन सरकार के द्वारा साक्षरता मिशन अभियान तो चला दिया लेकिन आज वह साक्षरता प्राधिकरण मिशन अभियान अपने ऊपर ही आसु बहाने को विवश है। दिग्विजय ने कहा कि हालात इस कदर खराब हो चुके हैं अब लोक शिक्षा केंद्रों पर ताले जड़े नजर आते हैं। इनसो शिक्षा प्रेरकों की मांगों को जल्द से जल्द लागू करने की मांग करती है नहीं तो प्रदेश के अंदर बड़ा आंदोलन करने से इनसो पीछे नहीं हटेगी।