Thursday, July 20, 2017

कृषि नीति निर्माण के समय किसानों की भागीदारी हो सुनिश्चित - दुष्यंत चौटाला


हिसार: किसानों की आर्थिक हालत सुधारने, फसलों का न्यूनतम लाभाकारी मूल्य देने और उन्हें समृद्ध बनाने के लिए जीएसटी कांऊसिल की तर्ज पर एक कृषि कांउसिल बननी चाहिए। इस कांऊसिल में न केवल किसानों का प्रतिनिधित्व हो बल्कि उनकी अपील-दलील सुनने के बाद ही फसलों का न्यूतम समर्थन मूल्य तय होना चाहिए। यह मांग इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने लोकसभा में रखी। उन्होंने नीति आयोग में भी किसान पृष्ठभूमि के सदस्यों की नियुक्ति भी मांग की। इनेलो सांसद ने कहा कि देश भर के किसानों का कर्ज माफ हो। 

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री के बयान का हवाला देते हुए कहा कि सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें को लागू नहीं कर सकती। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि किसानों की फसलों का न्यूतनतम मूल्य तय करने के लिए जीएसटी कांउसिल की तर्ज पर पूरे देश के राज्य के कृषि मंत्रियों को एक मंच पर आना चाहिए और एक आयोग का गठन करना चाहिए। आयोग द्वारा फसलों का न्यूनतम मूल्य तय करने से पहले आयोग में किसानों को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। इसके बाद आयोग फसलों न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करे। 


किसानों की दर्शा पर आयोजित चर्चा में भाग लेते हुए युवा सांसद ने कहा कि पिछले 60 वर्षों से हम सदन किसानों की समृद्धि की बात कर रहे हैं परन्तु किसानोंं की दशा में सुधार नहीं हुआ। युवा सांसद ने कहा कि जब तक नीति निर्मण में किसानों की भागीदारी नहीं होगी तब तक किसान समृद्ध नहीं हो सकता। उन्होंने सरकार से पूछा कि किसान की सोच के कितने व्यक्ति नीति आयोग में काम कर रहे। उन्होंने केंद्र सरकार से नीति आयोग में किसानों की नियुक्ति बतौर सदस्य करने की मांग की। दुष्यंत चौटाला ने किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा छह माह से बढ़ा कर एक वर्ष करने की मांग की। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गन्ने की फसल पक कर मार्केट में बेचने के बाद किसान की जेब में पैसे आने में एक वर्ष का समय लग जाता है तो वह ऐसे में क्रेडिट कार्ड के पैसे का भुगतान छह माह में कैसे करेगा। यदि किसान क्रेडिट कार्ड का पैसा जमा नहीं करवाया जाता तो उसकी जमीन कुर्क कर दी जाती है। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कर्ज माफी की मांग करते हुए कहा कि पूरे देश में हर किसान का सरकार किसान कर्ज माफ करे, इसके बाद वह डिफाल्टर होता है तो इसपर आगे की कार्रवाई हो। 
मुनाफा

--देश के सबसे युवा सांसद ने कहा कि-आईसीसीआई बैंक ने फसल बीमा योजना से किसानों सेप्रीमियम के रूप में 57 करोड़ रूपये एकत्रित किए और किसनों की फसलों के नुकसान के लिए केवल 38 लाख रूपये क्लेम दिया। और बजाज कंपनी ने 51 करोड़ रूपये प्रीमियम के किसानों से लिए और करीब डेढ़ करोड़ रूपये किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए दिया गया। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि फसल बीमा योजना का मुनाफा निजी कंपनियां कमा रही हैं और सर्वे के लिए सरकारी मनशीनरी का प्रयोग हो रहा है। 

...आलू का भाव 20 पैसे और खुदाई डेढ़ रूपये, कैसे होगा किसान समृद्ध
सांसद दुष्यंत चौटाला ने लोकसभ में सुरजमुखी से खरीद से लेकर आलू के नामात्र भाव मिलने का मुद्दा बखूबी उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों को सुरजमुखी बेचने के लिए पांच दिन जेल में रहना पड़ा। उन्होंने हरियाणा में सुरजमखी मंडियों में दुगर्ति होने का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा के सीएम आए तो कुछ दिन मंडी में सुरजमुखी की खरीद हुई और सीएम के जाते ही सुरजमुखी की खरीद बंद कर दी ओर आज भी मंडिया में बारिश में किसानों की फसल भीग रही है। उन्होंने सदन में कहा कि किसान की आलू की फसल इस बार 20 पैसे प्रति किलोग्राम बिकी और किसान ने आलू की आलू की खुदाई पर खर्च किया एक रूपया 50 पैसे। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में कैसे किसान समृद््ध होगा। 




Wednesday, July 19, 2017

प्राइवेट कंपनी के हिस्से से बने IIIT में गरीबों के बच्चों को न हो परेशानी - दुष्यंत चौटाला


हिसार: सांसद दुष्यंत चौटाला ने आज लोकसभा में प्रदेश में लाला लाजपतराय पशु एवं विज्ञान विश्वविद्यालय और हॉर्टिक्लचर विश्वविद्यालय का आधारभूत ढांचा न बनने का मुद्दा लोकसभा में उठाया। सांसद ने कहा कि विश्वविद्यालयों की स्थापना की घोषणा हुए तो कई बरस बीत चुके हैं परन्तु प्रदेश सरकार द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना को सिरे न चढ़ाने को लेकर गंभीरता न दिखाने के कारण दोनों विश्वविद्यालय के परिसर बनाने के नाम पर अभी एक ईंट भी नहीं लगी। उन्होंने लोकसभा में यह मुद्दा इंडियन इंस्टीच्यूट आफ इन्फॉर्मिेशन टेक्नोलॉजी अंडर पीपीपी मॉडल 2017 की चर्चा में भाग लेते हुए उठाया। 




युवा सांसद ने इस बिल का समर्थन किया परन्तु इसके क्रियान्वन के समय आने वाली दिक्कतों को देखते हुए भविष्य में इस संशोधन का सुझाव भी दिया। लोकसभा में पेश बिल के अनुसार पीपीपी माडल के तहत शिक्षण संस्थान स्थापना के लिए 50 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार, 35 प्रतिशत राज्य सरकार और 15 प्रतिशत खर्च इसमें भागीदार इंडस्ट्री द्वारा वहन किया जाएगा। इस योजना के तहत विभिन्न स्थानों पर 20 संस्थान बनाए जाएंगे। 
इनेलो सांसद ने कहा कि इस बिल के प्रावधान के अनुसार शिक्षण संस्थानों की स्थापना के लिए सडक़, बिजली व जमीन आदि उपलब्ध करवाने की जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी। सांसद ने इस प्रावधान पर सवाल खड़ा करते हुए उदाहरण दिया कि हरियाणा के करनाल में प्रस्तावित हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी और हिसार लाला लाजपतराय विश्वविद्यालय की बिल्डिंग भी कई वर्ष बीत जाने के बाद भी नहीं बनी। हॉर्टिकल्चर विश्वविद्यालय की घोषणा केंद्र सरकार द्वारा की गई थी जबकि हिसार में पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना पिछली राज्य सरकार द्वारा की गई थी।  
युवा सांसद ने सरकार से पूछा कि जब देश में 20 ऐसे संस्थान बनेंगे तो उनके लिए प्रदेश सरकारों के पास धन की व्यवस्था कहां से होगी? युवा सांसद ने कहा कि इस माडल पर पहले भी संस्थान हैं परन्तु उन शिक्षण संस्थानों में अभी तक पूरी फैकल्टी भी नहीं है। उन्होंने कहा कि ये संस्थानों की फीस लाखों रूपये होती और गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले विद्यार्थी मोटी फीस अदा करने में सक्षम नहीं होते। उन्होंने सदन में सरकार से पूछा कि उद्योग के सहयोग से स्थापित होने वाले इन शिक्षा संस्थानों में क्या सरकार ऐसा प्रावधान करने जा रही है जिससे कि वहां गरीब का बच्चा भी पढ़ सके।

बिजली के दाम उद्योगों के साथ अन्याय - अशोक अरोड़ा

कुरुक्षेत्र: इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने बिजली के रेट बढ़ाने की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधानसभा मेें आश्वासन दिया था कि भविष्य में बिजली के रेट नहीं बढ़ाए जाएंगे, लेकिन सरकार ने बिजली के रेट बढ़ाकर सदन तथा जनता से वायदाखिलाफी की है। उन्होंने बिजली के बढ़े हुए रेट तुरंत वापिस लेने की मांग की। 
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि जीएसटी तथा नोटबंदी के कारण बाजार में आर्थिक मंदी छाई हुई है। व्यापारियों का कामधंधा ठप पड़ा है। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य न मिलने से वे हताश और निराश हैं और किसान वर्ग आर्थिक मंदी का शिकार है। ऐसे हालात में बिजली के रेट बढ़ाना सरासर अन्याय है। अरोड़ा ने कहा कि बिजली का रेट बढ़ाने की बजाये बिजली की सप्लाई दुरुस्त की जानी चाहिए। भीषण गर्मी के मौसम में प्रदेश की जनता बिजली के अघोषित कटों से परेशान है। दिन में दर्जनों बार बिजली के कट लगते हैं। जनता सडक़ों पर आकर धरने और प्रदर्शन कर रही है, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। बिजली की कटौती के कारण लोगों को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं हो रहा।  24 घंटे बिजली देने का सरकार का दावा खोखला साबित हुआ है। उन्होंने मांग की कि बिजली के बढ़े हुए रेट तुरंत वापिस लेकर जनता को राहत दी जाए और बिजली की सप्लाई सुचारू की जाए। 

मुख्यमंत्री ने जनता से विश्वासघात किया: अभय सिंह चौटाला

चंडीगढ़, 19 जुलाई: नेता विपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि बिजली की दरों में वृद्धि करके मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपना वह वादा तोड़ दिया जिसमें उन्होंने स्वयं हरियाणा विधानसभा में किया था कि उनके कार्यकाल में बिजली की कोई दरें नहीं बढ़ेंगी तथा वे बिजली सस्ती करेंगे। लेकिन 1 जुलाई से प्रदेश में बढ़ी हुई बिजली दरें लागू होंगी इसलिए सीएम ने प्रदेश की जनता से विश्वासघात किया है। पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता पर बढ़ी हुई बिजली की दरें लागू करके उनकी जेबों पर डाका डालने का काम किया है।
इनेलो नेता ने कहा कि उनको आशंका है कि हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (एचईआरसी) के अधिकारियों पर कहीं न कहीं दबाव डालकर सरकार ने यह अनुचित काम करवाया है, नहीं तो हर कोई यह जानता है कि आज कोयले और डीजल के दाम घटे हैं तथा केंद्र सरकार खुद यह दावा करती है कि कोयले की गुणवत्ता में भी भारी सुधार हुआ है। इनेलो नेता ने बताया कि केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल स्वयं यह बात कहते हैं कि इससे अब बिजली का उत्पादन बहुत सस्ता हुआ है। जब सारे देश में बिजली सस्ती है तो फिर हरियाणा में बिजली महंगी क्यों की गई ? प्रदेश में बिजली की दरें बढऩे से यहां नए उद्योग लगना तो बहुत दूर की बात है जो यहां पहले से लगे हुए हैं वे भी यहां से पलायन कर सकते हैं।
नेता विपक्ष ने कहा कि उनको पहले से अंदेशा था कि सरकार फ्यूल सरचार्ज एडजेस्टमेंट (एफएसए) के खेल में बिजली की दरें बढ़ा सकती है और सरकार ने वही जनविरोधी फैसला किया है। सरकार कहती है कि उन्होंने एक जुलाई से 28 पैसे प्रति यूनिट सरचार्ज घटा दिया और अब 37 पैसे ही एफएसए रह गया है। उन्होंने कहा कि एफएसए किस बात का जब बिजली ही ज्यादातर बाहर से प्राइवेट बिजली कंपनियों से ली जा रही है और अपने प्लांट तो अधिकतर समय बंद ही रहते हैं। ऐसे में एफएसए लेने का तो प्रश्र ही पैदा नहीं होता?
चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि यह सरकार प्राइवेट बिजली कंपनियों से और कई महंगे पावर प्रचेज एग्रीमेंट (पीपीए) करके बिजली उपभोक्ताओं की कमर तोडऩा चाहती है, जबकि खुद सरकार यह दावा करती है कि बिजली सरप्लस है, लेकिन ग्रामीण उपभोक्ताओं को मुश्किल से दो घंटे ही बिजली मिलती है। उन्होंने कहा कि बिजली की दरों में भारी वृद्धि करके सीएम जनता के बीच में झूठे साबित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि 25 से 50 पैसे प्रति यूनिट बिजली महंगी होने से महंगाई और अधिक बढ़ेगी तथा इससे व्यापारियों, उद्यमियों और घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका भारी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इनेलो बिजली दरों में की गई भारी वृद्धि के खिलाफ सडक़ों पर उतरेगी। इनेलो नेता ने कहा कि बिजली कंपनियों के कुप्रबंधन की मार उपभोक्ता क्यों वहन करे? बिजली की दरों में की गई वृद्धि से आज प्रदेश के 58 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता सरकार के खिलाफ खड़े हो गए हैं लेकिन सरकार को जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं है।

आगामी आंदोलन को लेकर दिशा निर्देश के लिए दिशा निर्देश के लिए होगी हिसार में मीटिंग


हिसार : इंडियन नेशनल लोकदल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को सिरसा रोड स्थित चौधरी देवीलाल सदन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान राजेंद्र लितानी ने की। बैठक में 23 जुलाई को किसान प्रकोष्ठ की प्रस्तावित बैठक को लेकर विस्तार से विचार विमर्श किया गया। 
जिला प्रधान राजेंद्र लितानी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 23 जुलाई को सुबह दस बजे आयोजित होने वाली उक्त बैठक में नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला, किसान प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सरदार निशान सिंह सहित अन्य इनेलो नेता विशेष तौर पर भाग लेंगे। बैठक में भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर विस्तार से विचार विमर्श करते हुए कार्यकर्ताओं को आगामी आंदोलन को लेकर दिशा निर्देश दिए जाएंगे। इनेलो जिलाध्यक्ष लितानी ने कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी साबित हुई है। भाजपा सरकार ने अपने वादे के अनुरूप न तो किसानों के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशो को लागू किया है और न ही एसवाईएल को लेकर गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के चलते आज किसान वर्ग लगातार पिछड़ता जा रहा है। इनेलो किसानों के दर्द को समझती है। उन्होंने कहा कि 23 जुलाई की बैठक में किसानों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। इसके साथ ही संगठन को लेकर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस मौके पर किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रवि लांबा, प्रदेश सचिव बिजेंद्र लोहान, कलीराम खेदड़, बलवान कुलाना, ओमप्रकाश भेरियां, बहादुर सिंह, श्योरण सिंह, सत्यनारायण पूनिया, मांगेराम बुगाना, सत्यवान राजली, सत्यवान कोहाड़, जोगीराम पंघाल, सतबीर सिंह खरकड़ी, राजेश शास्त्री, राजबीर काजल, दशरथ पूनिया व विजय सिहाग सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे। 

Tuesday, July 18, 2017

पीड़ित दुकानदार से मिले विधायक राजदीप, मदद का दिया आश्वासन 


चरखी दादरी : दादरी हलके के विधायक राजदीप फौगाट ने झज्जर रोड पर आग की लपटों में राख हुई कन्फेक्शनरी की दुकान व क्षतिग्रस्त मकान का जायजा लिया। उन्होंने सरकार से पीड़ित दुकानदार, मकान मालिक को मुआवजा देने की मांग की। इस दौरान विधायक ने कन्फेक्शनरी व मकान में आग लगने से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए तहसीलदार व अन्य अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया। दादरी नगर परिषद के चेयरमैन संजय छपारिया भी मौजूद थे। गौरतलब है कि तीन दिन पूर्व शार्ट सर्किट के चलते झज्जर रोड पर टोनी कन्फेक्शनरी 
में आग लग गई थी। जिसमें लाखों का सामान जलकर राख हो गया था। साथ ही मकान भी काफी क्षतिग्रस्त हो गया। सोमवार को पीड़ित दुकानदार टोनी व मकान मालिक से मिलने विधायक राजदीप फौगाट पहुंचे। विधायक राजदीप ने कहा कि आग लगने से दुकानदार टोनी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। मकान भी आग लगने से क्षतिग्रस्त हो गया है। दोनों को सरकार की ओर से पूरी आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। उन्होंने पीड़ित दुकानदार टोनी व मकान मालिक को भरोसा दिलाया कि उन्हें ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दिलाने का भरसक प्रयास किया जाएगा। दुकानदार टोनी ने कहा कि उनकी जीवन भर की पूंजी एक झटके में राख हो गई। वह दुकान के सहारे ही अपने परिवार की आजीविका चलाता था। अब गुजर-बसर का यह साधन भी नहीं रहा। करीब 10 लाख रुपये का सामान जलने के साथ ही दुकान की इमारत व साथ के मकान में भारी नुकसान हुआ है। पुराना झज्जर रोड निवासी शिवकुमार ने बताया कि कुछ समय पूर्व ही उसने नये भवन का निर्माण कराया था। इसमें नीचे दुकान व ऊपर मकान बनाया गया था।   जिसमें उनका परिवार रहता है। शार्ट-सर्किट के चलते लगी इस आग में दुकानदार को लाखों रुपये के नुकसान के अलावा भवन का भी काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। इस दौरान नगर परिषद के वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण, पार्षद मनोज वर्मा, पार्षद प्रतिनिधि जयसिंह लांबा, पार्षद आनंद महराणा भी विधायक के साथ थे। 
राजकुमार सैनी पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो - अभय सिंह चौटाला 

नेता विपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने भाजपा सांसद राजकुमार सैनी के उस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है जिसमें उसने किसानों के मसीहा दीनबंधु सर छोटू राम के प्रति अनैतिक शब्दावली का इस्तेमाल किया था। इनेलो नेता ने कहा कि सांसद सैनी को हरियाणा के इतिहास और महापुरुषों के संघर्ष का थोड़ा सा भी ज्ञान होता तो वो इस तरह की बात न करते।  किसानों को बंधुआ मजदूरी और कर्जे के बोझ से निजात दिलाने वाले महापुरुष को गलत बोलना उसे शोभा नहीं देता। सर छोटू राम गरीबों और किसानों के मसीहा थे। उन्होंने हमेशा समाज के हित में कार्य किए हैं और गरीब का शोषण करने वालू पूंजीपतियों के खिलाफ रहे हैं।
महापुरुषों का अपमान करने की परम्परा एक विचारधारा विशेष की पार्टी और उसके लोगों में शुरू से रही है। नेता विपक्ष ने बताया कि सांसद सैनी जातिगत राजनीति कर रहे हैं और जाति विशेष को निशाना बनाकर भाईचारे को तोडऩे का काम कर रहे हैं। हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन में हिंसाभडक़ाने का जो कार्य उसने किया था, प्रदेशवासी उसे अभी तक नहीं भूले हैं। सैनी को सांसद की गरिमा का ख्याल रखते हुए अपना बयान वापिस लेते हुए प्रदेशवासियों से माफी मांगनी चाहिए।
इनेलो नेता ने सरकार से मांग की कि उस पर तुरंत देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर सलाखों के पीछे डाल देना चाहिए। जिन रहबरे-आजम के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है, वह पूरे भारतीय महाद्वीप के किसान और कमेरे वर्ग के रहनुमा थे और उनकी यह पहचान देश के किसी भी अन्य नेता से कम नहीं है।